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पीएम मोदी ने पिछले चार वर्षों में स्वतंत्रता दिवस पर दिया सबसे संक्षिप्त भाषण, 75 मिनट किया देश को संबोधित

पीएम

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। इस बार उनका भाषण 75 मिनट का रहा, जो पिछले चार वर्षों में स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया उनका सबसे संक्षिप्त संबोधन माना जा रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री के अब तक के स्वतंत्रता दिवस भाषणों में यह अवधि के लिहाज से चौथा सबसे छोटा भाषण रहा।

प्रधानमंत्री ने 2025 में 103 मिनट का सबसे लंबा भाषण दिया था। इससे पहले उन्होंने 2023 में करीब 90 मिनट और 2024 में 98 मिनट का भाषण दिया था। पीएम मोदी का इस वर्ष का भाषण 75 मिनट का रहा, जिसमें उन्होंने देश के भविष्य, युवाओं के लिए स्पष्ट रूपरेखा और आर्थिक प्राथमिकताओं का जिक्र किया। 15 अगस्त को 13वें भाषण के साथ ही पीएम मोदी लाल किले की प्राचीर से पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद लगातार सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराने और देश को संबोधित करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं।

80वें स्वतंत्रता दिवस की थीम 'विकसित भारत 2047 के लिए युवा शक्ति' रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 'शक्ति की सप्त धारा' और 'बड़ा सोचो, बड़ा संकल्प लो' का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, "मेरे प्यारे देशवासियों, जब मैं विकसित भारत की बात करता हूं, जब मैं देश को तेज रफ्तार से आगे बढ़ाने की बात करता हूं, तो इसका सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है? इन सभी प्रयासों के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा शक्ति कौन है? अगर कोई प्रेरणा शक्ति है, तो वो मेरे देश के युवा हैं। विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है।"

पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से दिए गए भाषण में युवाओं और 2047 के लक्ष्य को लेकर केंद्रित रखा। उन्होंने बार-बार 'विकसित भारत 2047' को दोहराया। उन्होंने कहा कि साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना ही हमारा लक्ष्य है। इस बार 'वंदे मातरम' का भी विशेष जिक्र हुआ। इस साल राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे हो रहे हैं और पहली बार लाल किले पर इसे पूर्ण रूप से गाया गया।

पीएम ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। अब छोटे सपनों से चलने वाला नहीं है। हमें बड़े सपने देखने होंगे क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं। हमारी सोच के क्षितिज को विस्तृत करते हैं।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी