नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने को लेकर कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "असल में यह प्रिविलेज जितेंद्र सिंह ने किया है। जितेंद्र सिंह ने यह कहकर सदन को गुमराह किया कि कोई फायरिंग नहीं हुई।"
दरअसल जब कोई मंत्री, सांसद, विधायक या कोई अन्य व्यक्ति सदन को गलत जानकारी देता है, तथ्य छिपाता है या सदन के विशेषाधिकारों का हनन करता है, तब उसके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया जा सकता है।
वेणुगोपाल ने कहा, "इसके साफ सबूत हैं और राहुल गांधी ने खुद सबूत दिखाए कि फायरिंग हुई थी, पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ था और बिहार में एके-47 का भी इस्तेमाल हुआ था। असल में, सदन को किसने गुमराह किया? केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन को गुमराह किया। हम उनके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने जा रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, "भाजपा के अंदर इस बात का कॉम्पिटिशन है कि कौन ज्यादा गाली दे सकता है ताकि पार्टी में उनकी इमेज बेहतर हो सके। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।"
राहुल गांधी के ट्वीट पर कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा, "संसद का सेशन 20 तारीख से चल रहा है, लेकिन पहले दिन को छोड़कर न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री सदन में आए हैं। पूरा देश, खासकर युवा और छात्र, उन सवालों का जवाब चाहते हैं जो हम संसद में उठा रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद प्रणिति शिंदे ने कहा, "एमएचटी-सीईटी महाराष्ट्र का इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम है। जब पार्लियामेंट में पेपर लीक पर चर्चा हो रही है, तब महाराष्ट्र में लगभग हर दिन पेपर लीक हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि जिन स्टूडेंट्स ने 12वीं क्लास में सिर्फ 40-50 प्रतिशत नंबर लाए थे, वे एमएचटी-सीईटी पास कर पाए हैं। इससे साफ पता चलता है कि कोचिंग इंस्टीट्यूट के जरिए प्रश्न पेपर लीक हुए थे। जिनके पास पैसे हैं, वे पेपर खरीद रहे हैं और परीक्षा पास कर रहे हैं।"
'एंटी-पेपर लीक' विधेयक लोकसभा से पास होने पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि अब देखना है कि कोई पेपर लीक होता है या फिर नहीं। पीएम मोदी के आश्वासन पर हम विश्वास नहीं करते। वंदे मातरम से जुड़े बिल के पास होने पर "इसकी कोई जरूरत नहीं थी। वंदे मातरम पहले से ही राष्ट्रीय गीत था, लेकिन इसमें एक खास हिस्सा था, जिसके बारे में रवींद्रनाथ टैगोर ने भी कहा था कि इसे शामिल नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा ने इस बिल को सांप्रदायिक नजरिए से पास किया है।"
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "किसी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने से असल में कुछ नहीं होता। असली मुद्दा यह है कि वे पार्लियामेंट को अपनी मर्जी से चलाते हैं और अपनी मर्जी से डिबेट करते हैं।" उन्होंने कहा कि प्रिविलेज मोशन भाजपा के हर एक सांसद के ऊपर आना चाहिए। कार्ति आजाद ने आगे कहा, "जो भी एंटी-सोशल एलिमेंट थे। पहला सवाल यह है कि पुलिस उन्हें पहचानने में फेल क्यों रही। इन कामों के लिए पुलिस लिस्ट में जिन लोगों के नाम हैं, उन पर सख्त एक्शन होना चाहिए, लेकिन पुलिस पर भी सवाल उठने चाहिए। अगर उन्हें पता था कि उनमें से कुछ रेपिस्ट हैं, कुछ डकैत हैं और कुछ मर्डरर हैं, तो उन्हें अरेस्ट क्यों नहीं किया गया? पुलिस को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।"
'एंटी-पेपर लीक' विधेयक पर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा, "बिल अच्छा है। इसमें कड़े नियम और कई अच्छे कदम हैं। हालांकि, हमारा मानना है कि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता भी होनी चाहिए। ज़िम्मेदारी वाले पदों पर नियुक्त लोगों को काबिल और सक्षम होना चाहिए।"
--आईएएनएस
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