इंफाल, 15 जुलाई (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली से शासन और संस्थानों में जनता का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने दोहराया कि पारदर्शिता और निष्पक्षता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताएं बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को इंफाल के एक होटल में आयोजित मणिपुर लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) 2022 बैच के सफल उम्मीदवारों के अभिनंदन कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कोविड-19 महामारी और राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति सहित कई चुनौतियों के बावजूद सिविल सेवा उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए निजी कोचिंग केंद्रों की सराहना की।
एमपीएससी 2022 के नव चयनित उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या उन्हें भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर कोई संदेह है।
सफल उम्मीदवारों से सर्वसम्मति से 'नहीं' का जवाब मिलने पर उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और निष्पक्षता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि उन्होंने परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले मणिपुर लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष से जानबूझकर संपर्क या मुलाकात नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने परिणाम घोषित होने के बाद ही अध्यक्ष को बधाई दी, क्योंकि वे पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसी भी बाहरी प्रभाव से मुक्त रखना चाहते थे।
परिणाम पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहा कि सरकार को खुशी है कि चयनित उम्मीदवारों ने योग्यता के बल पर सफलता प्राप्त की है और उनकी छवि बेदाग है।
उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सिविल सेवाओं के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना को लागू किया है, जिसके लिए प्रति वर्ष 2.8 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
इस योजना के तहत, शीर्ष 200 सिविल सेवा उम्मीदवारों को उनकी तैयारी के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति मिलेगी, जो प्रतिभाशाली युवाओं को सार्वजनिक सेवा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।