पुण्यतिथिः स्वाधीनता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाले बाल गंगाधर तिलक को केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

पुण्यतिथिः स्वाधीनता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाले बाल गंगाधर तिलक को केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कार्यों को याद किया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, "भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। लोकमान्य तिलक ने अपनी 'मराठा' और 'केसरी' पत्रिकाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और स्वाधीनता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया। उनकी कालजयी कृति 'गीता रहस्य' ने कर्मयोग, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म का संदेश दिया। उन्होंने सार्वजनिक गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका अमर उद्घोष, "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा", आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और कर्तव्यबोध का संचार करता है।"

गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, "लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं। तिलक महाराज आजादी के आंदोलन के उन अग्रणी नायकों में थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी विचारों व अद्वितीय संगठन कौशल से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान की। एक ओर उन्होंने स्वराज के संकल्प के साथ युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़कर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया, तो दूसरी ओर उनकी लेखनी अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध प्रतिकार की सशक्त आवाज बनी। सांस्कृतिक जनजागरण से जन-जन में राष्ट्रीयता की ज्योति प्रज्वलित करने वाले लोकमान्य तिलक का जीवन व व्यक्तित्व हम सभी को अनंत काल तक राष्ट्रप्रथम के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।"

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट किया, "भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् 'लोकमान्य' बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। 'स्वराज' का अमर उद्घोष देकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा और जन-जन को नई ऊर्जा प्रदान की। 'केसरी' और 'मराठा' जैसे समाचार पत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का प्रसार, सार्वजनिक गणेशोत्सव और शिवाजी जयंती जैसे आयोजनों द्वारा जनजागरण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान ने भारतीय समाज को संगठित और आत्मविश्वासी बनाया। लोकमान्य तिलक का संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान से ओतप्रोत जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।"

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, ‘पूर्ण स्वराज्य’ के पुरोधा और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण स्तंभ, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूं। उनके निर्भीक व्यक्तित्व, राष्ट्रवादी पत्रकारिता और जनजागरण के प्रयासों ने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। स्वदेशी आंदोलन, शिक्षा के प्रसार और निरंतर जनजागरण के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने में लोकमान्य तिलक की महती भूमिका रही। आजादी के आंदोलन में उनके साहस, संघर्ष और समर्पण की गाथा देशवासियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।"

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट किया, "जन-जन के मन में 'पूर्ण स्वराज्य' का मंत्र जागृत कर ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध क्रांति की लौ प्रज्वलित करने वाले महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश की स्वाधीनता के लिए आपके अनन्य प्रयास सर्वदा देश की भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की उन्नति एवं प्रगति के लिए पूरी सामर्थ्य के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।"

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट किया, "महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और समाज सुधारक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने 'स्वराज से सुराज्य' का मूल मंत्र दिया था।"

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में कहा, "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। पूर्ण स्वराज के अमर उद्घोष से संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, ओजस्वी वक्ता, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, 'लोकमान्य' बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। स्वराष्ट्र, स्वभाषा और स्वसंस्कृति के सम्मान के लिए उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण न्योछावर कर दिया, उनका जीवन दर्शन हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा।"

--आईएएनएस

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