पुणे, 8 अगस्त (आईएएनएस)। पुणे में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रशासन ने अब ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना-प्रवण जंक्शन, गड्ढों और राजमार्गों के किनारे अतिक्रमणों पर समयबद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने सभी ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण कर 10 अक्टूबर से पहले आवश्यक उपाययोजनाओं के जरिए उनका निर्मूलन करने, दुर्घटना-प्रवण जंक्शनों में छह महीने के भीतर सुधार करने, साथ ही जिले की सड़कों को 31 अगस्त तक गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने एजेंसियों को राजमार्गों के किनारे के अतिक्रमण भी 15 दिनों के भीतर हटाए जाने संबंधित निर्देश दिए।
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी डुडी की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय में हुई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप गिल्ल, अधीक्षक अभियंता भरत कुमार बाविस्कर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में दुर्घटनाप्रवण स्थानों, सड़कों की सुरक्षा, यातायात नियमन, जंक्शन सुधार, गड्ढों, अतिक्रमणों और सड़क सुरक्षा जनजागरूकता की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में निरीक्षण कर चिन्हित किए गए 43 ब्लैक स्पॉट पर की जाने वाली उपाय योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इन स्थानों पर केवल अस्थायी उपाय न करते हुए दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर स्थायी उपाय योजनाएं किए जाने, सड़कों की संरचना, मोड़, चौराहे, प्रकाश व्यवस्था, दिशासूचक एवं सूचना फलक, सड़कों पर बने पट्टे आदि का निरीक्षण कर आवश्यक संरचनात्मक सुधार किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्पीड ब्रेकर निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, गति मापने की व्यवस्था और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। दुर्घटना-प्रवण स्थानों का भौगोलिक अंकन कर वाहन चालकों को पहले से सूचना मिल सके, इसके लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में दुर्घटना प्रवण जंक्शनों के सुधार के कार्य अगले छह महीनों में पूरे किए जाएं। सड़कों पर मौजूद सभी गड्ढों को भरने की कार्रवाई 31 अगस्त तक पूरी की जाए। सड़क सुरक्षा के कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी, यह सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश संबंधित एजेंसियों को दिए गए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ प्रमुख राजमार्गों के किनारे किए गए अतिक्रमण संबंधित लोगों द्वारा 15 दिनों के भीतर स्वयं हटा लिए जाएं। निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर संबंधित राजमार्ग एजेंसियां पुलिस विभाग की मदद से उन्हें तत्काल हटाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर सड़कों का काम चल रहा है, वहां वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशासूचक, सूचना फलक और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए। सड़क कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।