नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पालघर जिले के मसवान में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में पहली कक्षा के एक छात्र की मौत के बाद प्रशासन ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया है।
तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद श्रेयांश शैलेश अंबाट नाम के छात्र की सोमवार को मौत हो गई थी। वहीं, 25 अन्य छात्रों को सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को अधिकारियों ने हालात का जायजा लेने के लिए स्कूल का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जांच की।
स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, लापरवाही के आरोप में आश्रम स्कूल के सुपरिटेंडेंट को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
पालघर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना, दहानू के प्रोजेक्ट ऑफिसर विशाल खत्री ने स्कूल का निरीक्षण किया और छात्रों की सुरक्षा व कल्याण के संबंध में संस्थान के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने भी स्कूल का दौरा किया और छात्रों के लिए खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले मसाले, हल्दी, मिर्च और खाना पकाने का तेल जब्त कर लिया। जब्त की गई सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने बताया कि स्कूल में एक वॉटर फिल्टर भी लगाया गया है।
फिलहाल, 30 छात्र मसवान प्राइमरी हेल्थ सेंटर में इलाज करवा रहे हैं। इस ग्रुप में 14 लड़के और 11 लड़कियां शामिल हैं। डॉक्टरों की सलाह पर, चार लड़कियों और एक लड़के को आगे के इलाज के लिए मनोर के रूरल हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, सभी छात्र खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। इस संस्थान को चलाने वाले 'अदिसी सेवा मंडल, मुंबई' के प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी के साथ-साथ प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर और क्लास 1 के टीचर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
छात्र की मौत की विस्तृत जांच के लिए एक स्पेशल जांच कमेटी भी बनाई गई है। प्रशासन ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ आगे प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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