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दाभोसा ग्लास स्कायवॉक से पालघर के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, पालकमंत्री गणेश नाईक ने किया लोकार्पण

दाभोसा

पालघर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पालघर जिले के प्रसिद्ध दाभोसा जलप्रपात पर निर्मित आकर्षक ग्लास स्कायवॉक का वनमंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकार्पण किया। इस नई पर्यटन परियोजना से जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

इस अवसर पर पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पालघर जिले को समुद्री तटों के साथ-साथ पहाड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य की अनमोल धरोहर प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जिले में बढ़ती कनेक्टिविटी, बुलेट ट्रेन परियोजना, विभिन्न महामार्गों और अन्य विकास कार्यों के कारण पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य जिले के हर प्रमुख पर्यटन स्थल और समुद्र तट का विकास कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि दाभोसा ग्लास स्कायवॉक पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में जव्हार तालुका के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। स्कायवॉक परिसर में पार्किंग, पर्यटक सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की योजना है।

पालकमंत्री ने यह भी कहा कि पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं को पर्यटन गतिविधियों से होने वाले आर्थिक लाभ में सहभागी बनाने पर विचार किया जाएगा। पार्किंग व्यवस्था और अन्य सेवाओं में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।

गणेश नाईक ने स्थानीय आदिवासी परिवारों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘होम-स्टे’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के घरों में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पर्यटन से होने वाली आय सीधे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों तक पहुंचेगी। उन्होंने महिला बचत समूहों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाने का आह्वान किया।

स्कायवॉक पर बढ़ने वाली पर्यटकों की संख्या को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके तहत स्कायवॉक की निर्धारित क्षमता, प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया गया। साथ ही सीसीटीवी नेटवर्क को स्थानीय पुलिस व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।

पर्यटन स्थलों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहयोग से विशेष अभियान चलाने की बात भी कही गई। इसके अलावा स्थानीय रिसॉर्ट संचालकों, पर्यटन व्यवसायियों और आदिवासी क्षेत्र के उद्यमियों को आवश्यक अनुमति, मार्गदर्शन और बैंक ऋण उपलब्ध कराने में प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से पालघर जिले का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों में और तेजी लाई जाएगी।

उन्होंने पालकमंत्री के रूप में अपने शेष कार्यकाल के दौरान पालघर जिले में व्यापक परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि विकास और जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

लोकार्पण समारोह में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, विधायक हरिश्चंद्र भोये, जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, परियोजना अधिकारी अपूर्वा बासुर, उपवनसंरक्षक सैफुन शेख, प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पी.वी. अमल, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता महेंद्र केनी, सरपंच योगिता माड़ी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी