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एक साल में 1 करोड़ युवाओं को दी जाएगी एआई स्किल की ट्रेनिंग: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को एआईए स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "जब मैं 'विकसित भारत' की बात करता हूं, जब मैं देश को तेजी से आगे ले जाने की बात करता हूं, तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसे मिलता है? इन सभी कोशिशों के पीछे सबसे बड़ी ताकत कौन है? अगर कोई ताकत है, तो वह मेरे देश के युवा हैं। यह मेरे देश के युवाओं की शक्ति है। 'विकसित भारत' की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के युवाओं के लिए एक घोषणा करना चाहता हूं। हमने संकल्प लिया है कि आने वाले एक साल में हम 1 करोड़ युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग देने का काम करेंगे, ताकि हमारे देश के युवाओं में एआई के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता हो।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारे युवाओं के लिए एविएशन सेक्टर भी बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए एयरपोर्ट और नए एयर रूट लगातार रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल के जरिए देशभर में कुशल लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है। 'मेड इन इंडिया' पैसेंजर एयरक्राफ्ट बनाने की दिशा में हमने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 'मेड इन इंडिया' डिफेंस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, सी-295, ने अपनी पहली सफल उड़ान भी भर ली है। यह हमारे देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। दोस्तों, ड्रोन ने भी बहुत अहम भूमिका निभाई है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैंने आपके सामने जो संदर्भ और आधार रखा है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य है, जो इस मज़बूत नींव पर टिका है। 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हमारे देशवासियों द्वारा पिछले 10-12 वर्षों में दिखाई गई क्षमता पर आधारित है। यह उस ताकत का एक अहम हिस्सा है। इसीलिए, मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और आने वाला एक-चौथाई हिस्सा हमारे लिए बेहद अहम है। हम अब रुक नहीं सकते। हमारी रफ्तार धीमी नहीं होनी चाहिए। हमारी दिशा तय हो चुकी है और हम अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए संकल्पित हैं। इसके लिए हमें अपनी कार्य-संस्कृति को बदलना होगा। अपनी कार्य-संस्कृति को बेहतर बनाते हुए, हमें अपनी सोच को भी ऊंचा उठाना होगा और काम को पूरा करने की गति को भी बढ़ाना होगा।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज मैं उस दौर को भी याद करना चाहता हूं, जब देश 'सप्त सिंधु' के रूप में भारत की ताकत को जानता, समझता और सुनता था। अब, एक विकसित भारत बनाने के लिए हमें एक नई धारा की जरूरत है। आज, लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने ताकत की 'सप्त धारा' का आह्वान करता हूं। आने वाले 5 से 7 वर्षों में जो काम पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो पाया, उसे इस सप्त धारा की ताकत और क्षमता से पूरा करते हुए हम देश को नई ऊंचाइयां, नई गति और नए लक्ष्यों को पार करने की क्षमता देंगे। इसके साथ ही, हमारे युवाओं की ताकत और क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्र-निर्माण में शामिल किया जाएगा।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैंने कई बातें साझा की हैं, लेकिन मैं इससे भी आगे की सोचता हूं मैं देश को झकझोरना और जगाना चाहता हूं। मैं देश की सामूहिक शक्ति को जगाना चाहता हूं। राष्ट्र का मतलब सिर्फ सरकार नहीं है। राष्ट्र तब बनता है जब हर नागरिक मिलकर काम करता है। क्या हम यह लक्ष्य नहीं बना सकते? हम अक्सर 'फॉर्च्यून 500' के बारे में बहुत कुछ सुनते हैं, तो आने वाले दशक में 'फॉर्च्यून 500' में भारत की 50 कंपनियां क्यों नहीं हो सकतीं? यह हमारा मकसद और लक्ष्य क्यों नहीं होना चाहिए?"

--आईएएनएस

ओपी/वीसी