नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के आगामी उपचुनाव में चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को कहा कि किशोर को 'नोटा' (नोटा) विकल्प से भी कम वोट मिलेंगे।
जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के प्रमुख मनोज भारती ने बताया कि चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ने वाले हैं। यह सीट दशकों से भाजपा का गढ़ रही है।
इससे पहले, भाजपा नेता नितिन नवीन ने बिहार विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बड़े अंतर से जीत हासिल की थी।
इस राजनीतिक घटनाक्रम पर आईएएनएस से बात करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा, "वे (किशोर) सिर्फ अपनी जमानत जब्त करवाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें नोटा से भी कम वोट मिलेंगे।"
इसी तरह की राय रखते हुए भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "प्रशांत किशोर चुनाव लड़ें या कोई और, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा पिछले 30 सालों से बांकीपुर विधानसभा सीट जीतती आ रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "नितिन नवीन बांकीपुर से विधायक रहे हैं और आज वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। बांकीपुर की जनता बहुत खुश है और इस बार भी वे भारी बहुमत से भाजपा उम्मीदवार को वोट देगी।"
जनता दल-यूनाइटेड के नेता चंद्रेश्वर प्रसाद ने कहा, "हर कोई चुनाव लड़ने के लिए आजाद है। किसी पर कोई रोक-टोक नहीं है।"
हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा, "मेरे हिसाब से, वे (किशोर) इस चुनाव में सफल नहीं होंगे।"
इससे पहले रविवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जेएसपी पूरे भरोसे और जोश के साथ उपचुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत राज्य में 'वैकल्पिक राजनीति' की शुरुआत की नींव रखेगी।
उन्होंने कहा, "पिछले चार सालों से 'जन सुराज' ही मेरी जिंदगी रही है और अगले दस सालों तक, जब तक बिहार में बदलाव का विजन पूरा नहीं हो जाता, मेरा कोई और मकसद नहीं है। मैं बांकीपुर उपचुनाव लड़ने की जिम्मेदारी को उसी लक्ष्य की ओर एक कदम मानता हूं। नवंबर 2025 में लाखों-करोड़ों लोग 'जन सुराज' के विचारों और कोशिशों से जुड़े थे। 2025 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कई लोग निराश या हताश हुए। उनमें से ज्यादातर का मानना है कि अगर 'जन सुराज' बांकीपुर उपचुनाव जीतता है, तो इससे न सिर्फ आंदोलन मजबूत होगा, बल्कि बिहार में बदलाव के विजन को फिर से जिंदा करने में भी मदद मिलेगी। मैं पूरी विनम्रता के साथ यह जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं और अपने सभी साथियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं का शुक्रिया अदा करता हूं।"
--आईएएनएस
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