नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मुलाकात के दौरान दोनों ने अनौपचारिक रूप से शासन, रक्षा और कूटनीति सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।
अधिकारी ने बताया कि एडमिरल स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति को जहाज के मॉडल सहित कई स्मृति चिन्ह भेंट किए। उन्होंने राधाकृष्णन को नौसेना प्रमुख के प्रतीक चिन्ह वाला एक औपचारिक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। यह विशेष स्मृति चिन्ह भारतीय नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी द्वारा दिया जाता है।
इससे पहले 10 जून को नए नौसेना प्रमुख ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की थी। पदभार ग्रहण करने के बाद शुरुआती दौर में एडमिरल स्वामीनाथन ने भारतीय नौसेना की सर्वोच्च परिचालन तत्परता और युद्ध क्षमता को सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को बार-बार दोहराया है, ताकि राष्ट्र की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा की जा सके। उन्होंने संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण के महत्व पर भी बल दिया।
एडमिरल स्वामीनाथन ने 31 मई को नौसेना प्रमुख के रूप में 27वें पदभार ग्रहण किया। उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए। भारतीय नौसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि मैं अत्यंत विनम्रता, जिम्मेदारी, गर्व और कृतज्ञता के साथ कमान संभाल रहा हूं। देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना मेरे जीवन का सर्वोच्च सम्मान और सौभाग्य है, और मैं भारतीय नौसेना और राष्ट्र की इस क्षमता में सेवा करने का अवसर पाकर अत्यंत आभारी हूं।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए तत्पर है और क्षेत्रीय सुरक्षा के ऐसे माहौल में सक्रिय रूप से तैनात है जो लगातार चुनौतीपूर्ण, जटिल, अप्रत्याशित और अनिश्चित बना हुआ है।
एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि भारतीय नौसेना की परिचालन तत्परता और युद्ध क्षमता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, ताकि वह जहां भी संभव हो, राष्ट्र की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा कर सके।