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नागालैंड के राज्यपाल ने महिला सुरक्षा पर जताई चिंता, डीजीपी को सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

नागालैंड के राज्यपाल ने महिला सुरक्षा पर जताई चिंता, डीजीपी को सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

कोहिमा, 20 जून (आईएएनएस)। नागालैंड में महिलाओं, विशेषकर नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर चिंता जताते हुए राज्यपाल नंद किशोर यादव ने शनिवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रुपिन शर्मा को कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर ऐसे मामलों पर सख्त और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राजभवन (लोक भवन) में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों की स्थिति तथा पुलिस की कार्रवाई का जायजा लिया। उन्होंने डीजीपी को राज्यभर में महिलाओं पर हो रहे हमलों और यौन अपराधों की समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

बैठक में राज्यपाल ने बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ त्वरित, प्रभावी और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बढ़ाने, रोकथाम के मजबूत तंत्र विकसित करने और सभी मामलों की शीघ्र जांच पर जोर दिया।

राज्यपाल ने पुलिस विभाग को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, पीड़ितों को समय पर सहायता, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराने तथा अपराध रोकने के लिए जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में डीजीपी रुपिन शर्मा ने राज्यपाल को वर्तमान स्थिति, चल रही जांचों और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी दी।

राज्यपाल ने दोहराया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में बिना देरी के कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि राज्य में सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण बनाया जा सके।

इस बीच, नागालैंड पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपुष्ट संदेश, तस्वीरें और वीडियो साझा करने को लेकर भी लोगों को चेतावनी जारी की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सोशल मीडिया समूहों के एडमिन और सदस्य किसी भी सामग्री को पोस्ट, साझा या फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।

एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पोस्ट या सामग्री आपत्तिजनक, भ्रामक, गैरकानूनी या सार्वजनिक शांति भंग करने वाली पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ समूह प्रशासक के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से नफरत, हिंसा, दहशत या सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने वाली सामग्री साझा करने से बचने की अपील की है।

--आईएएनएस

डीएससी