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मसूरी : उपराष्ट्रपति ने 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को किया संबोधित

मसूरी:

मसूरी, 20 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया।

उपराष्ट्रपति कार्यालय की ओर से आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा गया, "उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में 2024 बैच के प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों के दूसरे चरण के प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित किया।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिविल सेवाओं ने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है और ये नीति तथा जमीनी स्तर पर उसके कार्यान्वयन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनी हुई है। इस बात पर जोर देते हुए कि चरित्र और ईमानदारी जन-सेवा की नींव हैं, उपराष्ट्रपति ने कहा कि सच्ची नेतृत्व क्षमता को सत्ता या पद से नहीं, बल्कि मुश्किल हालात में भी नैतिक रूप से काम करने की क्षमता से मापा जाता है।"

'विकसित भारत 2047' की यात्रा का जिक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे यह पक्का करें कि विकास आखिरी छोर तक पहुंचे और सबको साथ लेकर चलने वाला हो। उन्होंने उनसे 'सेवा-भाव और कर्तव्य-बोध' को अपना मूल मंत्र बनाने का आग्रह किया।

टीमवर्क पर जोर देते हुए उन्होंने युवा अधिकारियों से कहा कि वे अकेले या किसी खास ग्रुप की कामयाबी के बजाय पूरी टीम की कामयाबी के लिए कोशिश करें। उन्होंने एकजुट टीमें बनाने, साथियों का हौसला बढ़ाने और अपने से पहले के अधिकारियों द्वारा शुरू किए गए अच्छे कामों को आगे बढ़ाने की अहमियत पर जोर दिया।

उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे काम में तेजी, पारदर्शिता और नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने के बेहतर तरीकों के लिए नई टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन को अपनाएं। उन्होंने लगातार सीखते रहने, हालात के हिसाब से ढलने और भविष्य के लिए तैयार रहने पर जोर दिया।

--आईएएनएस

एसडी/एबीएम