मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता असलम शेख, वेंकटेश और वर्षा गायकवाड़ ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने मुंबई कांग्रेस की बैठक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता, बेरोजगारी, महंगाई, सड़क निर्माण की गुणवत्ता और छात्रों के आंदोलन समेत कई मुद्दों पर बात की।
कांग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि मुंबई कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं की बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। एसआईआर को लेकर उन्होंने दावा किया कि मुंबई में बड़ी संख्या में लोगों के नाम अभी तक डिजिटाइज नहीं हो पाए हैं। शिक्षकों और अधिकारियों को अलग-अलग सरकारी कार्यों में लगाने के कारण भी प्रक्रिया प्रभावित हुई। मुंबई जैसे बड़े शहर में प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचना और उसके मताधिकार को सुरक्षित रखना सरकार तथा चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों का डेटा मौजूद है। ऐसे में पात्र लोगों को परेशान करने के बजाय उपलब्ध डेटा के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया को आसान बनाया जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की नागरिकता को लेकर संदेह है तो उसकी जांच की जाए, लेकिन इसके नाम पर बड़ी संख्या में आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
असलम शेख ने महाराष्ट्र में महिलाओं और बच्चियों के लापता होने, किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी उठाए। राजनीतिक बहस का केंद्र जनता की वास्तविक समस्याएं होनी चाहिए। बेरोजगार युवा रोजगार की तलाश में परेशान हैं और किसानों की समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य करने और मराठी नहीं जानने वालों के लाइसेंस या परमिट रद्द करने के प्रस्ताव पर असलम शेख ने कहा कि मराठी सीखने के विचार से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। महाराष्ट्र में काम करने वाले लोगों को मराठी सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन भाषा न जानने के कारण किसी व्यक्ति को रोजगार या परमिट से वंचित करना उचित नहीं है।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भाषा कक्षाएं आयोजित करे और लोगों को मराठी सिखाने की व्यवस्था करे। भारत के संविधान के तहत नागरिकों को देश के किसी भी हिस्से में जाकर काम करने और रहने का अधिकार है। ऐसे में भाषा सीखने को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, लेकिन इसे रोजगार छीनने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए।
वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस नेताओं पर हो रहे हमलों के संबंध में कांग्रेस नेता वेंकटेश ने भाजपा पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और अन्य वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए अलग-अलग मुद्दों को राजनीतिक बहस का केंद्र बनाया जा रहा है। स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को देशभक्ति का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। पार्टी का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है और इस मुद्दे पर कांग्रेस को किसी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
सोनिया गांधी के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री की 'इटैलियन खून' वाली टिप्पणी पर वेंकटेश ने कहा कि ऐसे बयानों का जवाब देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार के विवाद खड़े करती है।
राहुल गांधी के 22 अगस्त को पुणे में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर वेंकटेश और वर्षा गायकवाड़ ने अपनी राय रखी। वेंकटेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों, युवाओं और आम लोगों से मुलाकात करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे। वहीं, वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने संसद में लगातार उनकी आवाज उठाई। छात्रों के मुद्दों को लेकर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पुणे में होने वाला कार्यक्रम सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले की शिक्षा की विरासत से भी जुड़ा है।
उन्होंने महाराष्ट्र के छात्रों और विशेषकर छात्राओं से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों से संवाद करेंगे और उनके मुद्दों को समझने का प्रयास करेंगे।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि मराठी भाषा को लेकर नियम पहले से मौजूद हैं और महाराष्ट्र में रहने वाले अधिकांश लोग मराठी समझते और बोलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को सड़क, महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुंबई की सड़कों और विभिन्न बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। गायकवाड़ ने कहा कि जब विपक्ष सरकार से जनता से जुड़े सवाल पूछता है तो बहस को दूसरे मुद्दों की ओर मोड़ दिया जाता है।
एसआईआर पर गायकवाड़ ने कहा कि मताधिकार संविधान द्वारा दिया गया महत्वपूर्ण अधिकार है और इसे सुरक्षित रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सत्यापन की प्रक्रिया केवल एक जगह बैठकर नहीं, बल्कि घर-घर जाकर की जानी चाहिए। जब तक प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित न हो, तब तक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए। बीएलओ और संबंधित अधिकारियों की पर्याप्त संख्या में तैनाती कर घर-घर सत्यापन कराया जाना चाहिए।
भाजपा की नई टीम को लेकर वेंकटेश ने कहा कि पार्टी में कई पुराने नेताओं को ही नई जिम्मेदारियां दी गई हैं और इसे पूरी तरह नई टीम बताना उचित नहीं है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व पर चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि आने वाले समय में इसका प्रभाव स्पष्ट होगा।
--आईएएनएस
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