मुंबई, 15 अगस्त (आईएएनएस)। आजाद मैदान पुलिस ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ तीन मामलों का भी खुलासा किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान योगेश पाटणकर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2014 से लेकर 15 जुलाई 2026 के बीच कई लोगों को उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठे। मामले में 29 जुलाई 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर कई पीड़ित आजाद मैदान पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोप लगाया कि योगेश पाटणकर ने उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर उनसे पैसे लिए थे, लेकिन नौकरी नहीं दिलाई।
मामला दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम को आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर फरार हो गया था और पहचान छिपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह विक्रोली पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अन्य मामलों में भी वांछित था।
लगातार प्रयासों के बावजूद आरोपी का पता नहीं चल रहा था। हालांकि, आजाद मैदान पुलिस की टीम उसके बारे में लगातार जानकारी जुटाती रही। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि योगेश पाटणकर पुणे में मौजूद है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम पुणे पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 17 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े धन, संपत्ति और अन्य संपत्तियों का पता लगाने तथा उन्हें बरामद करने का प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान विक्रोली पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ है। ये मामले भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 406, 294 और 34 के तहत दर्ज हैं।
इसके अलावा, आरोपी के खिलाफ दादर पुलिस स्टेशन में भी आईपीसी की धारा 420 और 34 के तहत एक अलग मामला दर्ज है।
पुलिस को आशंका है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार हुए लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य संभावित पीड़ितों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
--आईएएनएस
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