मथुरा, 9 अगस्त (आईएएनएस)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर मथुरा में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राधाकुंड क्षेत्र स्थित चित्रगुप्त पीठ में रविवार को हवन-पूजन और शंखनाद के साथ 6 दिसंबर को कारसेवा करने की घोषणा की गई। पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने श्री कृष्ण जन्मभूमि में ठाकुरजी को भोग लगाने की योजना की भी घोषणा की।
चित्रगुप्त पीठ में रविवार सुबह से ही भागवत कथा, कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन हुआ। इसके बाद संतों की मौजूदगी में कारसेवा की तारीख घोषित की गई।
चित्रगुप्त पीठाधीश्वर सच्चिदानंद महाराज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह यज्ञ एक खास संकल्प के साथ किया जा रहा है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक भगवान श्री कृष्ण को उनकी जन्मभूमि पर स्थापित नहीं कर दिया जाता, ठीक वैसे ही जैसे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 'यज्ञ' शुरू किया गया था।"
उन्होंने बताया कि कारसेवा से पहले सभी धार्मिक रस्में पूरी की गई हैं। उन्होंने कहा, "जब भी कोई शुभ कार्य किया जाता है तो उससे पहले हवन-पूजन और कीर्तन किया जाता है। हमने भागवत कथा और कीर्तन पहले ही पूरा कर लिया है। अब हवन-पूजन भी पूरा हो गया है।"
कारसेवा की घोषणा के साथ ही मंदिर निर्माण के लिए मंगाए गए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप भी आश्रम पहुंच गई है, लेकिन इसी बीच एक पत्थर के गायब होने की खबर भी सामने आई है।
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया, "मुझे अभी-अभी पत्थर के बारे में पता चला। ऐसा लगता है कि वह उस जगह पर नहीं है जहां हमने उसे रखा था। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसे किसने हटाया। मुझे अभी कुछ भी पता नहीं है।"
कारसेवा की घोषणा और पत्थरों के पहुंचने के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। चित्रगुप्त पीठ के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए आईजी, एसपी, सीआरपीएफ, कमांडो और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला।