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एनआरसी की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच मणिपुर के कई जिलों में जनगणना प्रशिक्षण स्थगित

एनआरसी

इंफाल, 20 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के इंफाल घाटी क्षेत्र के कई जिला प्रशासनों ने राज्य में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के अपडेट की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर जनगणना 2027 के तहत गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को या तो स्थगित कर दिया है या रद्द कर दिया है।

मणिपुर गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जनगणना के पहले चरण के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार से शुरू होना था।

इस बीच, जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना 17 अगस्त से शुरू हो गई है। मुख्य गृह सूचीकरण अभियान गणनाकर्ताओं द्वारा इस वर्ष 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलाया जाएगा।

अधिकारी ने कहा कि जिरीबाम, इंफाल पश्चिम, थौबल और काकचिंग जिलों के जिला अधिकारियों ने जनगणना 2027 के तहत गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से या तो स्थगित कर दिया है या रद्द कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हालांकि, राज्य के पर्वतीय क्षेत्र के विभिन्न जिलों में इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही शुरू हो चुके हैं।

जनगणना 2027 के प्रथम चरण (घर सूचीकरण और आवास जनगणना) में कार्यरत गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संबंधित उपायुक्तों के नेतृत्व में शुरू हुआ, क्योंकि वे अपने-अपने जिलों के प्रधान जनगणना अधिकारी भी हैं।

न्यायसंगत और निष्पक्ष परिसीमन अभियान (जेएफडी) ने सोमवार आधी रात से मुख्य रूप से इम्फाल घाटी क्षेत्र में अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। इस आंदोलन का उद्देश्य 2027 की जनगणना से पहले मणिपुर में राष्ट्रीय सीमा गणना (एनआरसी) को अपडेट करना है। 48 घंटे के बंद के कारण मंगलवार और बुधवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।

विभिन्न छात्र और युवा संगठन, महिला संगठन और नागरिक समाज संगठन इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।

जेएफडी ने अपने चल रहे आंदोलन के तहत गुरुवार से सभी सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार की भी घोषणा की है।

अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ, इम्फाल घाटी के बड़े हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इम्फाल घाटी में छह जिले शामिल हैं—इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरिबाम।

इस बीच, राज्य शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी शिक्षण संस्थान गुरुवार से तीन दिनों तक बंद रहेंगे।

राज्य में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मणिपुर के राज्यपाल ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या अन्य किसी भी संस्था से संबद्ध सभी विद्यालयों, सरकारी, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों और उच्च शिक्षा संस्थानों को गुरुवार, 20 अगस्त से शनिवार, 22 अगस्त तक बंद रखने की घोषणा की है।

मणिपुर सरकार पहले ही राष्ट्रीय राजस्व गणना (एनआरसी) के अपडेट की मांग का समर्थन कर चुकी है और इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठा रही है।

मणिपुर के विधायकों का एक दल जल्द ही नई दिल्ली का दौरा करने वाला है ताकि केंद्र सरकार से मार्गदर्शन प्राप्त कर राज्य में एनआरसी अद्यतन की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया जा सके।

--आईएएनएस

एमएस/