लखनऊ एयरपोर्ट पर बम की झूठी धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया

लखनऊ एयरपोर्ट पर बम की झूठी धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया

लखनऊ, 26 जुलाई (आईएएनएस)। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम की झूठी धमकी वाली कॉल के बाद सुरक्षा का बड़ा ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि शुक्रवार की रात को यह ऑपरेशन चलाया गया।

पुलिस ने कॉल करने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को कानपुर में ट्रेस किया और पूछताछ के लिए कानपुर के जैसिंहपुर इलाके के बिधूना के रहने वाले 30 साल के श्याम सुंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया।

एयरपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11:45 बजे 'डायल 112' पर एक कॉल के जरिए बम की धमकी की सूचना मिली, जिसके बाद सुरक्षा और इमरजेंसी एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

बम डिस्पोजल स्क्वाड, डॉग स्क्वाड, सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) और फायर ब्रिगेड की टीमें एयरपोर्ट पहुंचीं और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया।

अलर्ट मिलने के बाद कार्गो टर्मिनल और सभी एंट्री गेट समेत पूरे एयरपोर्ट कॉम्प्लेक्स की बारीकी से जांच की गई।

सुरक्षा कर्मियों ने एहतियाती उपायों के तहत रात 12 बजे से 1 बजे के बीच यात्रियों और उनके सामान की भी बारीकी से जांच की।

एक घंटे तक चली सघन तलाशी के बावजूद परिसर में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।

अधिकारियों ने बताया कि जब सुरक्षा एजेंसियों ने बम की धमकी देने वाले व्यक्ति से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ मिला।

तलाशी और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि धमकी भरी कॉल एक अफवाह थी, जिससे एयरपोर्ट अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों ने राहत की सांस ली।

मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने सरोजिनी नगर पुलिस स्टेशन की सब-इंस्पेक्टर निशु चौधरी द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर के आधार पर रविवार सुबह करीब 11 बजे एक नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की।

इसके बाद सर्विलांस के जरिए नंबर को ट्रैक किया गया, जिससे उसकी लोकेशन कानपुर जिले में पता चली।

सर्विलांस से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम ने श्याम सुंदर को हिरासत में ले लिया।

आरोपी से फिलहाल पुलिस पूछताछ कर रही है ताकि बम की झूठी धमकी भरी कॉल करने के मकसद और किन हालात में यह फर्जी अलर्ट जारी किया गया था, इसका पता लगाया जा सके।

--आईएएनएस

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