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'सत्ता में थे तब महिलाओं की याद क्यों नहीं आई', डिंपल यादव के वादे पर मंत्री मनोज पांडे

सत्ता में थे तब महिलाओं की याद क्यों नहीं आई

लखनऊ, 26 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की ओर से प्रस्तावित 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' के तहत महिलाओं को 40 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने के वादे पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब महिलाओं के लिए ऐसी योजनाओं की घोषणा क्यों नहीं की गई। मंत्री ने विपक्ष पर चुनावी वादों के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का हवाला दिया।

मनोज पांडे ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को महिलाओं के लिए योजना शुरू करनी थी तो वह सत्ता में रहते हुए करनी चाहिए थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के लिए लगातार योजनाएं चलाई जा रही हैं और बड़ी संख्या में लोग उनका लाभ उठा रहे हैं। देश में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं की बुनियादी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने स्वच्छता और शौचालय निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि आजादी के दशकों बाद भी महिलाओं को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता था। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से महिलाओं को इस समस्या से राहत दिलाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन, पक्के मकान और महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाओं को लेकर भी विपक्ष सवाल उठाता है। मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य योजनाओं का विरोध करना नहीं, बल्कि उन्हें रोकने का प्रयास करना है।

मनोज पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस सेवा का जिक्र करते हुए कहा कि इसे अहिल्याबाई होलकर के नाम से शुरू किए जाने पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है। उन्होंने अहिल्याबाई होलकर को न्याय और सुशासन की प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके नाम पर योजना चलाने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले, गरीब को भोजन और आवास मिले तथा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।

कैबिनेट मंत्री ने भारत की आर्थिक और सामरिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्तियों में अपनी पहचान बना रहा है और आगे बढ़ने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमलों के जवाब में भारतीय सेना की कार्रवाई देश की बदली हुई सामरिक स्थिति को दर्शाती है। मनोज पांडे ने विपक्ष पर 'वंदे मातरम', सनातन और किसानों के मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि देश के विकास की दिशा में चल रहे प्रयासों में किसी को बाधा नहीं बनना चाहिए।

अखिलेश यादव के 'पीडीए' की राजनीति के सवाल पर मनोज पांडे ने तंज कसते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को पहले 'पीडीए' की स्पष्ट और अंतिम व्याख्या करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इस संक्षिप्त नाम के अलग-अलग अर्थ बताए जाते रहे हैं। सत्ता में रहते हुए सरकारी नौकरियों, आरक्षण और युवाओं के अधिकारों के साथ जिन लोगों ने न्याय नहीं किया, वे आज 'पीडीए' की बात कर रहे हैं। पिछड़े और कमजोर वर्गों में कुम्हार, कहार, पटेल, पाल, निषाद, केवट, मल्लाह, पासवान और गौतम सहित विभिन्न समुदायों के अधिकारों का सवाल महत्वपूर्ण है।

--आईएएनएस

पीएसके