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कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के अमतला पार्टी कार्यालय के विध्वंस पर रोक 18 सितंबर तक बढ़ाई

कलकत्ता

कोलकाता, 20 अगस्त (आईएएनएस)। कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला स्थित तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के विध्वंस पर अंतरिम रोक को 18 सितंबर तक बढ़ा दिया।

रोक बढ़ाते हुए न्यायमूर्ति सुवरा घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को तय की।

उक्त भवन 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक एक कॉर्पोरेट संस्था के नाम पर पंजीकृत है, जिसका संबंध बनर्जी परिवार से है।

गुरुवार को न्यायमूर्ति घोष की पीठ में मामले की सुनवाई के दौरान उक्त कॉर्पोरेट संस्था के वकील ने तर्क दिया कि हालांकि भूखंड संख्या 509 और 512 पर अवैध निर्माण के आरोप थे, लेकिन भूखंड संख्या 507 पर स्थित भवन उनके मुवक्किल अभिषेक बनर्जी का कार्यालय है, जिसको ध्वस्त कर दिया गया था। उन्होंने विध्वंस के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की।

राज्य के एडवोकेट जनरल सुरजीत नाथ मित्रा ने अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से कुछ समय मांगा।

अंततः, न्यायमूर्ति घोष ने अंतरिम रोक को बढ़ा दिया और अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी, जिस दिन एडवोकेट जनरल अपना पक्ष रखेंगे।

इससे पहले, दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने अभिषेक बनर्जी को अमताला स्थित उनके पार्टी कार्यालय के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद तलब किया था, जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया था।

नोटिस में उल्लेख किया गया था कि तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद के कार्यालय की इमारत जिस जमीन पर बनी थी, वह लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के नाम पर खरीदी गई थी, जिसका संबंध बनर्जी परिवार से है।

लगातार दो नोटिसों का कोई जवाब न मिलने पर जिला प्रशासन ने 18 जुलाई को अमताला कार्यालय के एक हिस्से को यह कहते हुए ध्वस्त कर दिया कि पूरा निर्माण अवैध था।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने इस विध्वंस के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की।

इसके बाद रविवार को एक विशेष पीठ ने आगे के विध्वंस पर अंतरिम रोक लगाते हुए जिला प्रशासन को मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।

--आईएएनएस

एमएस/