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केरल में शुरू हुई ‘माई पुलिस स्टेशन’ पहल, तकनीक आधारित और नागरिकों के अनुकूल होंगे थाने

केरल

तिरुवनंतपुरम, 14 अगस्त (आईएएनएस)। केरल के 484 पुलिस थानों में अब ऐसा बदलाव किया जाएगा, जहां लोग बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत और समस्याएं लेकर पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को पेरूरकडा पुलिस स्टेशन में ‘माई पुलिस स्टेशन’ पहल की शुरुआत करते हुए यह बात कही।

इस पहल का उद्देश्य केवल पुलिस थानों के स्वरूप और रंग-रूप में बदलाव करना नहीं है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण रूप से उनके काम करने के तरीके और आम लोगों के साथ पुलिस के व्यवहार में बदलाव लाना है।

उद्घाटन समारोह में गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा, “केरल में पुलिस थानों का रंग भले ही एक जैसा हो जाए, लेकिन असली बदलाव उनके काम करने के तरीके में होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन ऐसे स्थान होने चाहिए जहां लोग मदद लेने के लिए सहज महसूस करें और उनकी शिकायतों पर उचित ध्यान दिया जाए।

इस पहल के तहत पुलिस थानों में अलग-अलग सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इनमें शिकायत डेस्क, महिला सहायता डेस्क, बच्चों के लिए सहायता डेस्क, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डेस्क, ट्रांसजेंडर लोगों के लिए सहायता डेस्क, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए डेस्क, साइबर अपराध सहायता डेस्क और कानूनी सहायता डेस्क शामिल होंगे।

इसके अलावा आवेदन से संबंधित सहायता, ऑनलाइन सेवाओं की सुविधा, आरटीआई से जुड़ी जानकारी और एफआईआर की प्रतियां प्राप्त करने की सुविधा भी पुलिस थानों में उपलब्ध कराई जाएगी।

केरल पुलिस ने पिछले वर्षों के दौरान तकनीकी और सामाजिक बदलावों के साथ लगातार खुद को ढाला है। इस अवसर पर यह भी याद किया गया कि भारत का पहला महिला पुलिस स्टेशन कोझिकोड में स्थापित किया गया था।

गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी डर या झिझक के पुलिस स्टेशन आने और पुलिस को अपना सहयोग एवं समर्थन देने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने राज्य के प्रमुख मादक पदार्थ विरोधी अभियानों में से एक ‘ऑपरेशन तूफान’ की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से काफी कुछ हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री सतीशन के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य ऐसी पुलिस व्यवस्था तैयार करना है जो जनता के अनुकूल, तकनीक आधारित, जवाबदेह और पेशेवर रूप से सक्षम हो तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरे।

चेन्निथला ने गिरफ्तारियों और पुलिस की अन्य प्रक्रियाओं के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

पुलिस हिरासत में हुई मौतों का जिक्र करते हुए, जिनकी वजह से पुलिस बल की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने के लिए सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं।

शुक्रवार से लागू होने वाले एक बड़े बदलाव के तहत युवा सब-इंस्पेक्टरों को स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। इनमें 63 महिला सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं, जो एसएचओ के रूप में कार्यभार संभालेंगी।

चेन्निथला ने कहा कि सरकार पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर भी अधिक ध्यान देगी। इसके तहत अधिकारियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

चेन्निथला ने कहा, “बदलाव की शुरुआत हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश और समाज की बदलती अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए केरल पुलिस को लगातार विकसित होते रहना होगा।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी