तिरुवनंतपुरम, 20 अगस्त (आईएएनएस)। सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया जांच से केरल में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। सीपीआई ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े आरोपों से खुद को अलग कर लिया, जबकि भाजपा ने सीपीआई (एम) नेतृत्व और उसके करीबी लोगों पर हमले तेज कर दिए हैं।
कांग्रेस ने सबसे पहले विजयन और सीपीआई (एम) की आलोचना की।
राज्य सीपीआई सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि सीपीआई की ऐसी व्यावसायिक व्यवस्थाओं में न तो कोई भूमिका है और न ही कोई दिलचस्पी। उन्होंने कहा कि ये हमारे लिए चिंता का विषय नहीं है। सीपीआई इसका हिस्सा नहीं है और ऐसी लेन-देन की व्यवस्थाओं में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हमारी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और न ही हमारी इसमें कोई भूमिका होगी।
उन्होंने इस अंतर को और भी स्पष्ट करते हुए कहा कि वामपंथी राजनीति और व्यापार पूरी तरह से अलग-अलग हैं और उनका एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं है।
ईडी ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों में 20 करोड़ रुपए से अधिक के वित्तीय लेन-देन का विवरण था और कथित तौर पर 85 लाख रुपए विदेशी संचार/हवाला चैनल के माध्यम से दुबई भेजे गए थे।
ये आरोप अभी भी चल रही जांच का हिस्सा हैं और अदालत द्वारा इनकी पुष्टि नहीं की गई है।
राज्य भाजपा उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज, जो लगभग दो वर्षों से इस मामले को उठा रहे हैं, उन्होंने पिनाराई विजयन पर सीधा हमला किया और पूर्व मुख्यमंत्री तथा उनकी बेटी से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया।
जॉर्ज ने आरोप लगाया कि ये घटनाक्रम उस समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार का ही विस्तार है जब विजयन राज्य के बिजली मंत्री थे। उन्होंने दावा किया कि वीणा से जुड़ी कंपनियों का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध कमाई को वैध बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के लिए किया गया था।
उन्होंने कहा कि ईडी ने अब अपनी जांच के नतीजों पर औपचारिक रूप से एक प्रेस बयान जारी किया है और कहा कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी पूछा कि उनके अनुसार, वीणा ने सामने आए वित्तीय रिकॉर्ड पर कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई या अपनी कंपनी के खिलाफ लगे आरोपों को लेकर कोई कानूनी कार्रवाई क्यों शुरू नहीं की। जॉर्ज ने मांग की कि विजयन केरल में विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफा दे दें, क्योंकि हाल की घटनाओं के बाद उनका इस पद पर बने रहना मुश्किल हो गया है।
पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास के खिलाफ कार्रवाई की मांग आम आदमी पार्टी के केरल प्रमुख और उद्योगपति साबू जैकब ने अलग से की।
ईडी की जांच के नतीजों का जिक्र करते हुए जैकब ने मांग की कि रियास सीपीआई (एम) राज्य सचिवालय से इस्तीफा दें।
उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि एक आईटी इंजीनियर के तौर पर वीणा के पास कंसल्टेंट के रूप में काम करने और उसके बदले मोटी रकम पाने की पेशेवर विशेषज्ञता थी।
जैकब ने सीपीआई (एम) के पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने अपने बेटे बिनीश कोडियेरी के ईडी की जांच के दायरे में आने के बाद पार्टी पद छोड़ दिया था।
इसी बीच, सीपीआई के लिए विश्वम ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है।
स्पष्टीकरण या राजनीतिक जवाबदेही की मांग करने के बजाय उन्होंने कहा कि इन लेन-देन से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
अब एलडीएफ के सामने यह सवाल उठ सकता है कि क्या कांग्रेस या किसी अन्य यूडीएफ नेता पर ऐसे आरोप लगने पर भी इस तरह से राजनीतिक दूरी बनाना मुमकिन होता।
जांच अभी चल रही है, इसलिए यह विवाद अब वीणा के बिजनेस डीलिंग के सवाल से आगे बढ़ गया है।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी







