बेंगलुरु, 20 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने गुरुवार को लोगों से अपील की कि अगर कहीं पर नकली दवाइयों की आपूर्ति हो रही है या उसे बेचा जा रहा है, तो उसकी जानकारी हमें फौरन दें। मंत्री के मुताबिक, अगर कोई हमें ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकरी देगा और उसकी द्वारा दी गई जानकारी विश्वसनीय पाई जाएगी, तो हम उसे इनाम में 10 हजार से 50 हजार रुपए तक की राशि देंगे। इस कदम से उस नेटवर्क का खुलासा होगा, जिसके जरिए नकली दवाओं की आपूर्ति हो रही है।
इससे पहले गुरुवार को 5 करोड़ रुपये की लागत वाली ऐसी दवा को जब्त किया गया था, जिस पर कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनी के लेबल लगे हुए थे। नकली दवाओं से जुड़ा यह पूरा नेटवर्क रामनगर जिले में सक्रिय था। मंत्री ने इस पूरे मामले की अंतरराज्यीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह प्रकाश में आया है कि नकली दवाओं के निर्माण से जुड़ा यह नेटवर्क देश के दूसरे हिस्सों में भी सक्रिय है।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खादर ने कहा कि राज्य में नकली दवाओं से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में आम लोगों का सहयोग जरूरी हो जाता है। खासकर, जब स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभाग में सीमित संख्या में अधिकारी मौजूद हैं।
उनके मुताबिक, कर्नाटक में कुल जनसंख्या 6.5 करोड़ है। जिसमें से सिर्फ 200 कर्मचारी ही खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में हम भला ऐसे नेटवर्क का पता कैसे लगाएंगे? ऐसे में अगर लोगों को इस बारे में किसी भी प्रकार के नेटवर्क के बारे में पता लगे, तो वो हमें फौरन बताएं।
अधिकारियों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने एक दूरभाष नंबर 1902 और एक क्यूआर कोड भी जारी किया है, जिसके जरिए वो इस तरह के नेटवर्क के बारे में विभाग को जानकारी दे सकते हैं। वहीं, जो लोग इस तरह की जानकारी देंगे, उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
खादर ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि वो ऐसी स्थिति में सतर्क हो जाए, जब उन्हें कोई महंगी दवाई कम दाम में बेचने की कोशिश करे। ऐसी स्थिति में लोगों को यह सवाल पूछना चाहिए कि आखिर उनके पास इतनी कम कीमत पर दवाई कैसे आई और इस बारे में हमें फौरन जानकारी दे। हम दवाइयों के बीच के अंतर के बारे में पता लगाने की कोशिश करेंगे।
अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर डॉ. उमेश एस. ने कहा कि नकवी दवाओं के मामले में हो रही जांच के दौरान यह सामने आया है कि इससे जुड़ा नेटवर्क ना सिर्फ कर्नाटक, बल्कि दूसरे राज्यों में भी सक्रिय है।
उनके मुताबिक, इस नेटवर्क के बारे में ड्रग्स कंट्रोलर और स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी से इस बारे में जानकारी दे दी गई है। अधिकारियों से कहा गया है कि वो नकली दवाओं की आपूर्ति के संबंध में पूरी जानकारी जुटाए। इन नकली दवाओं की आपूर्ति सभी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर में की जाती है। लिहाजा, इन सभी स्थानों पर निरीक्षण किया जाए।
उनके मुताबिक, ड्रग अधिकारियों को भी इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि वो उनन ड्रिस्टरब्यूटरों के बारे में पता लगाए, जो इन दवाओं को आम लोगों के बीच में वितरीत किया करते थे। अधिकारियों को पर्चेस डिटेल्स और बैच डिटेल्स के बारे में भी पूरी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया, ताकि इससे यह पता लगाया जा सके कि आखिर मेडिसिन असली है या नहीं ?
--आईएएनएस
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