बेंगलुरू, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के आवास मंत्री बी. जेड. जमीर अहमद खान ने 15 अगस्त को विजयनगर जिले में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने से छूट मांगी है, जिसके बाद सियासी माहौल गर्मा गया है। विपक्षी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि तिरंगा फहराना एक पवित्र और सम्मानजनक कर्तव्य है, जिसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जमीर अहमद खान को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
कर्नाटक के आवास मंत्री बी.जेड. जमीर अहमद खान ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को लिखे एक पत्र में कहा कि उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर कर्नाटक के विजयनगर जिले में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, उन्होंने बताया कि बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव, अन्य स्थानीय निकाय चुनाव, विधानसभा उपचुनाव और पार्टी संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण उनके पास समय की कमी है।
इसी वजह से उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण की जिम्मेदारी से छूट देने का अनुरोध किया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विजयनगर या किसी अन्य जिले का जिला प्रभारी मंत्री नियुक्त न किया जाए।
पत्र में जमीर अहमद खान ने कहा कि राज्य में आने वाले दिनों में बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव, विभिन्न स्थानीय निकाय चुनाव, विधानसभा उपचुनाव और पार्टी संगठन से जुड़ी गतिविधियों के कारण उनके पास विजयनगर जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी निभाने के लिए पर्याप्त समय नहीं है।
उन्होंने लिखा, "मुझे 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन मैं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाऊंगा। इसलिए मुझे इस दायित्व से छूट दी जाए।"
जमीर ने पत्र में विजयनगर जिले में सूखे की स्थिति का भी जिक्र किया और कहा कि इस संबंध में उन्हें जो रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, वह पहले ही सरकार को सौंप चुके हैं।
उनका यह अनुरोध ऐसे समय आया है जब कर्नाटक सरकार में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों और अन्य जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया है।
भाजपा ने उनके फैसले की आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रीय ध्वज और स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर के प्रति उदासीनता बताया है। पार्टी ने मुख्यमंत्री से उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग भी की है।
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "कांग्रेस बेशर्मी से राष्ट्र से ऊपर पार्टी राजनीति को प्राथमिकता देती है। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराना केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और कर्तव्य का प्रतीक है।"
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि बी.जेड. जमीर अहमद खान द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी से छूट मांगना देश के प्रति पूर्ण अनादर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों और पार्टी संगठन के कार्यों का हवाला देकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने की बात कहना उचित नहीं है।
अशोक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना एक "पवित्र कर्तव्य" है और इस जिम्मेदारी से बचने की कोशिश यह दिखाती है कि जमीर अहमद खान और कांग्रेस सरकार राष्ट्रीय कर्तव्यों से अधिक चुनावी गणित और पार्टी गतिविधियों को महत्व दे रहे हैं।
उन्होंने सीएम डीके शिवकुमार से मांग की है कि जमीर को कैबिनेट से बर्खास्त किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मंत्री जमीर ने तिरंगे झंडे का अपमान किया है, उससे हमारे राज्य और तिरंगे झंडे का अपमान हुआ है।
भाजपा नेता ने इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राहुल गांधी से मांग की है कि वो इस मुद्दे को लेकर देश से माफी मांगें।
--आईएएनएस
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