जयपुर, 14 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राजस्थान पुलिस सेवा के दो अधिकारियों और राजस्थान जेल सेवा के एक अधिकारी के खिलाफ उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में अनियमितताओं और लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई को मंजूरी दी है।
सीएम भजनलाल शर्मा ने जयपुर के महिला सुधार गृह में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट सरोज बिश्नोई को तुरंत सस्पेंड करने और उनका तबादला जयपुर हेडक्वार्टर से भरतपुर करने की मंजूरी दे दी है।
इस अधिकारी के खिलाफ शिकायतें थीं कि उन्होंने एक महिला कैदी को अपने साथ रखा और उसे सरकारी काम में दखल देने दिया। उन पर पैसे के बदले कैदियों को बिना मंजूरी वाली सुविधाएं देने का भी आरोप था।
मुख्यमंत्री ने जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (साइबर क्राइम) डेरावर सिंह के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की भी मंजूरी दी है। डीग जिले के कामन पुलिस स्टेशन में स्टेशन हाउस ऑफिसर के तौर पर काम करते हुए वे अपनी ड्यूटी निभाने में लापरवाह पाए गए थे।
एक मर्डर केस की जांच के दौरान उन्होंने कथित तौर पर आठ में से सात आरोपियों को बचाने की कोशिश की और सिर्फ एक आरोपी को जिम्मेदार ठहराया।
एक और मामले में मुख्यमंत्री ने आरपीएस अधिकारी लाभूराम बिश्नोई के खिलाफ विभागीय जांच रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है और उन पर लगे आरोपों को सही माना है।
जांच में पाया गया कि सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले बनास नदी इलाके में रेत माफिया द्वारा अवैध रेत खनन और ट्रांसपोर्टेशन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देशों का पालन करने में वे नाकाम रहे।
उनकी लापरवाही के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी, पुलिसकर्मियों और उनकी अपनी जान को भी खतरा हुआ, और ऑपरेशन के दौरान संबंधित विभागों के साथ तालमेल की कमी भी दिखी।
ये फैसले सरकारी कामकाज में जवाबदेही तय करने और पारदर्शिता, अनुशासन और कुशलता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं।