कनाडा को पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट नियमों में किए गए बदलावों पर फिर से विचार करना चाहिए: सुनील जाखड़

कनाडा को पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट नियमों में किए गए बदलावों पर फिर से विचार करना चाहिए: सुनील जाखड़

चंडीगढ़, 31 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कनाडा सरकार द्वारा पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (पीजीडब्ल्यूपी) नियमों में हाल ही में किए गए बदलावों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन बदलावों की वजह से सैकड़ों भारतीय छात्र अनिश्चितता और भारी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जिनमें से कई पंजाब से हैं।

एक बयान में सुनील जाखड़ ने कहा कि इन छात्रों ने कनाडा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में तब दाखिला लिया था जब पीजीडब्ल्यूपी के नियम अलग थे। छात्रों और उनके परिवारों ने दाखिले के समय लागू नीति के आधार पर अपना भविष्य, समय और लाखों रुपए लगाए थे। नियमों में अचानक हुए बदलाव ने अब उनके करियर और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

उन्होंने कहा कि हालांकि हर देश को नीतिगत बदलाव करने का संप्रभु अधिकार है, लेकिन ऐसे फैसलों का उन छात्रों पर बुरा असर नहीं पड़ना चाहिए, जिन्होंने पहले लागू नियमों के तहत दाखिला लिया था। इन छात्रों के लिए उचित राहत या कोई अंतरिम व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके साथ अनुचित व्यवहार न हो।

सुनील जाखड़ ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से आग्रह किया कि वह तुरंत कनाडा सरकार के साथ इस मामले को उठाए और राजनयिक चैनलों के माध्यम से ऐसा समाधान निकाले जो प्रभावित भारतीय छात्रों के जायज हितों की रक्षा करे।

उन्होंने आगे कहा कि विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्र देश की मानव पूंजी का एक मूल्यवान हिस्सा हैं और उनके भविष्य की रक्षा करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से लेगी, जल्द से जल्द कनाडा सरकार से बातचीत करेगी और प्रभावित छात्रों को राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।

--आईएएनएस

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