छतरपुर, 14 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि केन बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित किसानों की लड़ाई जमीन की नहीं सम्मान की है। दरअसल, केन बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावित परिवार आंदोलनरत और इनसे मिलने नेता प्रतिपक्ष छतरपुर पहुंचे।
पिछले 11 दिनों से बराना नदी में जल सत्याग्रह कर रहे इन आंदोलनकारियों से मुलाकात कर सिंघार ने उनकी पीड़ा सुनी और कहा कि यह आंदोलन केवल जमीन बचाने का नहीं, बल्कि सम्मान, अस्तित्व और अधिकार बचाने की लड़ाई है।
सिंघार ने कहा कि आज चिता पर किसान और आदिवासी नहीं बैठे हैं, बल्कि भाजपा सरकार की संवेदनहीनता, किसान विरोधी और आदिवासी विरोधी नीतियां जल रही हैं। जिन लोगों ने पीढ़ियों तक जंगल, जल और जमीन की रक्षा की, आज उसी सरकार ने उन्हें बेघर और बेबस कर दिया है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार विकास नहीं, बल्कि विनाश का मॉडल लागू कर रही है। विकास के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं, जंगल काटे जा रहे हैं और किसानों-आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है। बिना न्यायपूर्ण मुआवजे, सम्मानजनक पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लोगों को उजाड़ना किसी भी सभ्य लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों और आदिवासियों पर पुलिसिया दमन, महिलाओं को दौड़ाकर उन पर लाठीचार्ज करना और उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाने की कोशिश भाजपा सरकार के तानाशाही चरित्र का प्रमाण है। लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनी जाती है, उसे लाठियों से कुचलने का प्रयास नहीं किया जाता।
धरनास्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करते हुए सिंघार ने स्पष्ट कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। यदि सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विस्थापित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। जब तक परियोजना से प्रभावित प्रत्येक किसान, दलित और आदिवासी परिवार को उसका वाजिब हक, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस का संघर्ष सड़क से लेकर विधानसभा और विधानसभा से लेकर जनता की अदालत तक पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।
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