नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अपने-अपने राजनीतिक दलों को अपनी जाति जागीर समझने वाले और जनमानस की भावनाओं का निरंतर अपमान करके निरंतर असफलता पाने वाले चंद राजनीतिक दलों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को जो पत्र लिखा है, और लोकतंत्र पर आघात करने का जो असफल प्रयास किया, भाजपा उसकी कठोर शब्दों में निंदा करती है।
उन्होंने कहा कि केरल में, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में स्वीकार किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से कांग्रेस को लाभ हुआ क्योंकि वामपंथी शासन के दौरान दर्ज फर्जी मतदाताओं को मतदाता सूचियों से हटा दिया गया था। हाल ही में, कर्नाटक में डीके शिवकुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया। फिर भी आज, कांग्रेस उसी प्रक्रिया पर हमला कर रही है। यह विरोधाभास कांग्रेस पार्टी के इरादों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
भाजपा नेता ने कहा कि एसआईआर को भिन्न-भिन्न न्यायालयों के द्वारा पूर्णतया युक्तिसंगत और विधिसम्मत ठहराया जा चुका है। ये पूर्व में भी समय-समय पर भारत सरकार और चुनाव आयोग द्वारा होता रहा है। संवैधानिक दृष्टि से विरोधी दल एक बार भी कोई तथ्यात्मक विषय न्यायालय के समक्ष रखने में असफल रहे, और संदिग्ध वोटरों के दम पर राज्यों की सत्ता पर काबिज होने का जो ख्वाब था, वह अब चकनाचूर होता दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों से पूछना चाहता हूं कि जिस भाषा शैली में आपने सर्वोच्च न्यायालय को पत्र लिखा है, ये वही अहंकारी भाषा शैली नजर आती है, जो आपातकाल में नजर आती थी।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि केरल में आप ही के (कांग्रेस) एक बड़े नेता शशि थरूर ने टीवी कार्यक्रम में कहा है कि एसआईआर के द्वारा जो वोटर रिविजन हुआ, उससे कांग्रेस को फायदा हुआ। अभी आपके कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अपने कार्यकर्ताओं को ये निर्देश दे रहे थे कि एसआईआर की प्रक्रिया में तत्परता से लग जाओ, और यहां पर एसआईआर पर आक्षेप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सिर्फ विपक्ष में ही नहीं हैं; वे कुछ राज्यों में सत्ता में भी हैं। मैं जानना चाहता हूं कि उनका शासन मॉडल क्या है! आप तेलंगाना और कर्नाटक में शासन कर रहे हैं... जब हम विपक्ष में थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को एक आदर्श राज्य बनाया और 'वाइब्रेंट गुजरात' कार्यक्रम शुरू किया, जो आज भी राज्य में जारी है। आपका शासन मॉडल क्या है? सिर्फ तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति, साथ ही कट्टरपंथियों का सहयोग।
उन्होंने कहा कि आप चुनाव आयोग और लोकतंत्र पर आरोप लगाते हैं, लेकिन आप गांधी परिवार पर कभी सवाल नहीं उठाते, जो समाजवादी पार्टी की मदद के बिना अमेठी सीट भी नहीं जीत पाए। ये कानूनी दृष्टि से कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।