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झारखंड के छात्र प्रदर्शन पर एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन, विपक्ष से मांगा जवाब

झारखंड

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और उनकी मांगों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के झारखंड से जुड़े सांसदों ने कांग्रेस और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने, कथित भ्रष्टाचार की जांच से बचने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई के आरोप लगाए।

भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सोच है कि किसी भी कीमत पर सदन न चले और कोई सार्थक या ठोस चर्चा न हो। उनके मुताबिक विपक्ष कार्यवाही में बाधा डालने के लिए अलग-अलग एजेंडे अपनाता रहता है।

भाजपा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में सरकार चल रही है, इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के लिए यह मुद्दा अलग तरह से देखा जा रहा है। साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड के छात्रों की मांगों को दबाया जा रहा है और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज जैसी कार्रवाई की जा रही है। आदित्य साहू ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो उन्हें झारखंड जाकर छात्रों से मिलना चाहिए और उनके साथ मुख्यमंत्री आवास तक जाना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि छात्र पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देते हैं लेकिन झारखंड क्यों नहीं जाते।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से झारखंड के छात्र आंदोलन को अलग मुद्दा बताए जाने पर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। जायसवाल ने कहा कि सार्वजनिक सेवा आयोग से जुड़े पदों को लेकर जिन लोगों के रिश्तेदारों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है, उसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस के नेतृत्व वाले पूर्ववर्ती यूपीए शासन के दौरान भी भ्रष्टाचार उनके लिए बड़ा मुद्दा नहीं था।सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और उनकी शिकायतों की जांच करानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है कि मानो उनकी मांगों को सुना जाना जरूरी ही नहीं है।

केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने भी झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई की गई। मंगलवार रात एक बजे रांची के उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक छात्रों के पास पहुंचे और उन्हें वहां से हटने के लिए कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रात में बिजली काट दी गई और बुधवार सुबह छात्रों द्वारा अपने खर्च पर लगाया गया जनरेटर भी पुलिस ने हटा दिया।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को झारखंड का पिछड़ापन, गरीबी और भ्रष्टाचार दिखाई नहीं देता। निशिकांत दुबे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अधिकारियों के बीच कथित टकराव का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर निरंकुश रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

दुबे ने दावा किया कि मामले के एक आरोपी धर्मेंद्र को एक वरिष्ठ अधिकारी के आवास से पकड़े जाने की बात सामने आई है और वह वहां कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करता था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार सीबीआई जांच से क्यों बच रही है। भाजपा सांसद ने दावा किया कि जांच आगे बढ़ने पर मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से लेकर मुख्य सचिव तक पहुंच सकता है।

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर राजनीतिक रूप से भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जहां भी मोदी विरोध, राजनीतिक तनाव या सांप्रदायिक तनाव होता है, वहां राहुल गांधी और उनकी पार्टी दिखाई देती है।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम