खंडवा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को मध्य प्रदेश के खंडवा जिले स्थित भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में अपनी पत्नी अनुराधा के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पंचामृत अभिषेक और जलाभिषेक किया तथा देश के सभी मतदाताओं, लोकतंत्र और राष्ट्र की समृद्धि के लिए भगवान महादेव का आशीर्वाद मांगा।
दर्शन के बाद ज्ञानेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में महादेव के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि उन्होंने देश के सभी मतदाताओं की अच्छी सेहत, आध्यात्मिक उन्नति तथा मजबूत और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि महादेव का आशीर्वाद पूरे देश पर बना रहे और लोकतांत्रिक व्यवस्था निरंतर सशक्त होती रहे।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित नीलेश पुरोहित महाराज और पुजारी दूले सिंह दरबार ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पूरी श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार भगवान ममलेश्वर का पंचामृत अभिषेक किया। उन्होंने देश की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की।
पुजारी दूले सिंह दरबार ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, मुख्य चुनाव आयुक्त ने भगवान ओंकारेश्वर की पारंपरिक पंचामृत अभिषेक और पूजा की। उन्होंने देश की शांति, समृद्धि और भलाई के लिए प्रार्थना की। हमारे लिए यह बहुत संतोष की बात थी कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त दर्शन के लिए ओंकारेश्वर और ममलेश्वर पहुंचे।"
मुख्य पुजारी पंडित नीलेश पुरोहित ने बताया, "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दर्शन के लिए ममलेश्वर मंदिर का दौरा किया। पिछली रात उन्होंने ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा की थी और आज सुबह उन्होंने भगवान ममलेश्वर का जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक किया। उनके साथ उनकी पत्नी भी थीं और उन्होंने पूरी श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा के साथ ही उन्होंने सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की तीर्थयात्रा पूरी कर ली है।"
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश पहुंचे। शनिवार को उन्होंने मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित तीर्थनगरी ओंकारेश्वर पहुंचकर पूरी श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही उन्होंने ओंकारेश्वर मंदिर में श्रृंगार आरती और शयन आरती में भी भाग लिया।