पटना, 22 सितंबर (आईएएनएस)। जमुई में नाबालिग बच्ची से हुई बदसलूकी की घटना के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने सम्राट चौधरी सरकार पर हमला बोलते हुए प्रदेश में कानून व्यवस्था को बदहाल बताया है।
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। महिलाओं के प्रति अपराध पहले भी काफी होते रहे हैं लेकिन कड़ी कार्रवाई नहीं होने के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
सुधाकर सिंह ने कहा, "जमुई की घटना अकेली घटना नहीं है। पटना से लेकर कैमूर, जहानाबाद तक बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार और दुराचार की घटनाएं हो रही हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अपराधियों के घरों तक बुलडोजर नहीं जा रहा है। यह साबित करता है कि सरकार अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और केवल चिन्हित लोगों पर ही राजनीतिक कारणों से कार्रवाई करना चाहती है।"
वहीं, लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने भी जमुई घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस ने ही बिहार में भाजपा-जदयू सरकार पर हमला नहीं किया है बल्कि पूरे देश ने इस 'जंगल राज' के खिलाफ आवाज उठाई है।
सुरेंद्र राजपूत ने तंज कसते हुए कहा, "क्या बिहार में कानून-व्यवस्था ठीक होने का यही मतलब है कि 10वीं क्लास की एक लड़की को उठाकर ले जाया जाए और उसके साथ इतनी घिनौनी हरकत की जाए कि हम उसे बता भी न सकें? जो वीडियो सामने आए हैं, वे बहुत डरावने हैं। क्या यह बिहार की कानून-व्यवस्था है या जंगल राज?"
उन्होंने कहा कि जब ये घटनाएं हो रही हैं, तब सीएम सम्राट चौधरी दीये जला रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मना रहे हैं। जेडीयू अध्यक्ष इन घटनाओं को छोटी घटना बताते हैं। अगर यह छोटी घटना है, तो फिर बड़ी घटना क्या है? सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि पूरा देश इस घटना को लेकर नाराज है।
दिल्ली में कांग्रेस नेता उदित राज ने बिहार के मंत्री श्रवण कुमार के जमुई की घटना को लेकर दिए गए बयान 'ऐसी छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं' पर तीखा पलटवार किया। उदित राज ने कहा, "श्रवण कुमार की बेटी या भतीजी या परिवार के किसी सदस्य के साथ ऐसा हुआ होता, तब उन्हें दर्द महसूस होता। चूंकि यह किसी और के साथ हुआ है, इसलिए उन्हें फर्क नहीं पड़ता। भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मंत्रियों का चरित्र यही है।"
उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम सम्राट चौधरी खुद एक मामले में आरोपी रहे हैं, तो उनसे ज्यादा सभ्यतापूर्ण व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती है। वे दूसरे की बहन-बेटी की इज्जत कैसे संभालेंगे।
--आईएएनएस
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