नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। इस्लामिक विद्वान मुफ्ती वजाहत कासमी ने कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इटली के स्कूलों में बुर्का बैन से लेकर दिल्ली में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के प्रस्तावित धरने के स्थगित होने और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की टिप्पणी पर उन्होंने खुलकर बात की।
इटली के स्कूलों में बुर्का बैन के मुद्दे पर आईएएनएस से बात करते हुए मुफ्ती वजाहत कासमी ने कहा, "हर मुल्क अपनी रक्षा सुरक्षा में या अपने आप को सही करने के लिए कुछ चीजें करता है तो हमें उस मुल्क के कानून का एहतराम करना चाहिए। जाहिर सी बात है इटली ने कोई कानून बनाया है तो वह अपने देश के हालात के मद्देनजर बनाएगा और इसलिए हम उसका सम्मान करेंगे।"
दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद एआईएमपीएलबी ने अपना प्रस्तावित यूसीसी (समान नागरिक संहिता) विरोधी धरना स्थगित कर दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुफ्ती कासमी ने बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, "पर्सनल लॉ कोई ऐसा संगठन नहीं है कि जिसको इस तरह के काम करने की इजाजत मिल जानी चाहिए। हमेशा ट्रिपल तलाक से लेकर वक्फ बिल तक के मुद्दों को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भड़काता रहा है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कई लोग हमेशा पीएम और सरकार के खिलाफ मुसलमानों को उकसाते रहे हैं और इस तरह की घटिया बयानबाजी की राजनीति करते हैं, जो कि नफरत फैलाने वाली है।"
कासमी ने आगे कहा कि बोर्ड ने अनुमति न मिलने के बावजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस करके माहौल को गर्म करने की कोशिश की है, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा, "मैं उसकी निंदा करता हूं और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अपने अंदर भी झांकना चाहिए कि उसके अंदर जो लोग बैठे हैं, वह इस देश के लिए, इस कौम के लिए, खासतौर से मुस्लिम कौम के लिए अच्छे लोग नहीं हैं।"
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की 'हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता' वाली टिप्पणी पर भी मुफ्ती वजाहत कासमी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, "जब से वह संवैधानिक पदों से हटे हैं तब से लगातार हिन्दुओं को टारगेट कर रहे हैं। हामिद अंसारी को इस तरह की बयानबाजी शोभा नहीं देती। वह बुजुर्ग हो गए हैं और ज्यादा उम्र हो जाए तो इस तरह की बातें मुनासिब नहीं हैं।"
उन्होंने कहा कि मुझे अच्छा लगता अगर वह पहलगाम जैसी घटना पर, लाल किले जैसी घटना पर या जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ इतना मुखर होकर बोलते। मुझे अच्छा लगता अगर वह यूपी और बिहार के बड़े माफियाओं के खिलाफ जो सरकार काम कर रही है, जिसमें उनके कुछ परिवार के लोग भी आते हैं, उनके खिलाफ इतना मुखर होकर बोलते। हमेशा देश से सुविधाएं पाने वाले हामिद अंसारी को इस तरह की घटिया बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा हामिद अंसारी के बयान को भारत की छवि खराब करने की कोशिशों के एजेंडे का हिस्सा बताए जाने के सवाल पर कासमी ने सहमति जताई।
उन्होंने आगे कहा, "यह अरब के पैसे पर चलने वाला देश नहीं है, यह तो टैक्स से चलने वाला और अपने हालात पर चलने वाला देश है। तो देश से सारी सुविधाएं पाई उन्होंने और अब तक सुविधा पा रहे हैं, फिर भी बात हमेशा वह एक बड़े तबके के, खासतौर से हिंदुओं के खिलाफ हमेशा अपनी बात कहते रहे हैं और हमेशा हिंदुओं को टारगेट करते रहे हैं। इसलिए उनको नसीहत लेनी होगी और इस तरह की बयानबाजी से बचना होगा।"
--आईएएनएस
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