आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत मामले की सीबीआई जांच की मांग, भाजपा पर कांग्रेस विधायक भाई जगताप का हमला

आईआईटी बॉम्बे छात्र मृत्यु पर सीबीआई जांच की मांग
आईआईटी

मुंबई, 21 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान आईआईटी बॉम्बे के छात्र की मौत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राहुल गांधी पर टिप्पणी, 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में संभावित सपा-कांग्रेस गठबंधन समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत की।

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल की मौत के मामले पर भाई जगताप ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। छात्र के परिवार की ओर से संस्थान के डायरेक्टर और प्रोफेसर पर लगाए गए कथित जातिगत भेदभाव के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थान देश का गौरव हैं और इनमें इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इन संस्थानों में देश के प्रतिभाशाली छात्र पढ़ते हैं और आगे चलकर देश की सेवा करते हैं। अगर इस मामले को लेकर लोगों के मन में किसी तरह का संदेह है तो सीबीआई जांच से स्थिति साफ हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से राहुल गांधी और कांग्रेस के कार्यक्रम पर की गई टिप्पणी को लेकर जगताप ने पलटवार किया। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ को पहले राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले पर जवाब देना चाहिए, ये सवाल संतों की ओर से उठाए जा रहे हैं।

2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन तथा असदुद्दीन ओवैसी की भूमिका से जुड़े सवाल पर जगताप ने कहा कि गठबंधन को लेकर फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस बारे में उचित निर्णय लेंगे। उन्होंने दावा किया कि पिछले चुनावों में कई सीटों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की हार में ओवैसी की पार्टी की भूमिका रही थी। अगर ओवैसी वास्तव में बीजेपी को हराने के लिए विपक्षी दलों के साथ आना चाहते हैं तो उन्हें अखिलेश यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की पहल करनी चाहिए।

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित मिमिक्री को लेकर हुए विवाद पर भी भाई जगताप ने प्रतिक्रिया दी। बीजेपी की ओर से राहुल गांधी से माफी की मांग पर उन्होंने कहा कि कॉमेडी और मिमिक्री कला का हिस्सा हैं और राजनीति लंबे समय से व्यंग्य का विषय रही है। जगताप ने जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि इन नेताओं पर भी राजनीतिक व्यंग्य किए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मामले में माफी नहीं मांगेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक मंचों पर नेताओं की नकल और उन पर व्यंग्य किया जाता रहा है तो केवल एक मामले को लेकर राहुल गांधी से माफी की मांग करना उचित नहीं है। उन्होंने इसके साथ महंगाई, बेरोजगारी, रुपए और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जनता को जवाब देना चाहिए।

बाबा बागेश्वर की भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग और प्रस्तावित यात्रा से जुड़े सवाल पर भाई जगताप ने कहा कि देश किसी एक संगठन या विचारधारा के एजेंडे पर नहीं चलता। भारत में अलग-अलग धर्मों, विचारों और मान्यताओं के लोग रहते हैं और संविधान सभी को साथ लेकर चलता है। संविधान ने प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक स्वतंत्रता दी है, इसलिए किसी को अपने धर्म का प्रचार करने या धार्मिक यात्रा निकालने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह मान लेना सही नहीं है कि देश की पूरी आबादी किसी एक विचार को स्वीकार कर लेगी।

जगताप ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता और संवैधानिक व्यवस्था से है। किसी को धार्मिक यात्रा निकालने या अपने धर्म का प्रचार करने के संवैधानिक अधिकार पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन देश को किसी एक धार्मिक विचारधारा से चलाने की सोच से वह सहमत नहीं हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम