नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन को 13 अगस्त से एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया है।
कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन को प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक के रूप में 13 अगस्त के बाद एक वर्ष के लिए यानी 13 अगस्त, 2027 तक, उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि यानी 31 जुलाई, 2027 के बाद तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है।
1956 में स्थापित ईडी ने 1 मई, 2026 को अपने 70 वर्ष पूरे किए। प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसी के रूप में ईडी को विदेशी मुद्रा प्रबंधन से संबंधित कानूनों को लागू करने और मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम का दायित्व सौंपा गया है।
इससे पहले 70वें प्रवर्तन दिवस समारोह में बोलते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एजेंसी को वित्तीय अपराधों से राष्ट्र की रक्षा करने वाली ढाल बताया।
राज्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ईडी को दी गई शक्तियां मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेनदेन, बेनामी संपत्तियों और कॉरपोरेट धोखाधड़ी जैसे वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए हैं, न कि व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए।
कठोर प्रवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध अर्थव्यवस्था और आम नागरिक के लिए गंभीर खतरा हैं।
राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि इस वर्ष 31 मार्च तक ईडी ने लगभग 23 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें से 63,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बैंकों, निवेशकों और घर खरीदारों सहित उनके वास्तविक मालिकों को वापस कर दी गई है।
उभरती चुनौतियों का जिक्र करते हुए राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन वित्तीय अपराध बढ़ती चिंता का विषय हैं और इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान किया।
राज्य मंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति अपनाती है।
केंद्रीय मंत्री चौधरी ने इस अवसर पर ईडी के जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईडी निदेशक राहुल नवीन ने कहा कि वित्तीय अपराधों का स्वरूप बैंक धोखाधड़ी और कॉरपोरेट घोटालों से हटकर क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, साइबर-आधारित अपराध, आतंकवाद वित्तपोषण और मादक पदार्थों की तस्करी की ओर मुड़ गया है।
उन्होंने कहा कि ईडी ने इन उभरते खतरों के प्रति सक्रिय रूप से अनुकूलन किया है और आपराधिक नेटवर्कों को उनके वित्तीय स्रोतों को निशाना बनाकर बाधित करने की एक केंद्रित रणनीति अपनाई है।
वैश्विक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए राहुल नवीन ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी प्रयासों में भारत की भूमिका मजबूत हुई है, और ईडी अंतरराष्ट्रीय ढांचों और संपत्ति वसूली नेटवर्कों में योगदान दे रही है।
--आईएएनएस
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