नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। जांच एजेंसी द्वारा रविवार को जारी एक बयान के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ यहां की एक विशेष अदालत में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की शिकायत दर्ज कराई है।
शनिवार को दर्ज की गई शिकायत में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के साथ-साथ सतीश सेठ और अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। इन पर पीएमएलए की धारा 4 के तहत सजा-योग्य अपराधों का आरोप है।
ईडी की जांच में एनएचएआई के चार टोल-रोड प्रोजेक्ट्स-त्रिची-करूर (एनएच-67), त्रिची-डिंडीगुल (एनएच-45), सलेम-उलुंदुरपेट (एनएच-68) और जयपुर-रींगस (एनएच-11) से जनता के पैसे को दूसरी जगह लगाने की एक सुनियोजित साजिश का पता चला। इन प्रोजेक्ट्स के लिए एनएचएआई से ग्रांट और बैंकों व वित्तीय संस्थानों से लोन के जरिए फंडिंग की गई थी। सितंबर-अक्टूबर 2010 के दौरान, फर्जी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग काम के लिए दिखावटी, बाद में बनाए गए या पिछली तारीख के समझौतों के जरिए लगभग 187 करोड़ रुपये का गबन किया गया।
पैसा आरआईएल या उसके प्रोजेक्ट-स्पेसिफिक स्पेशल पर्पस व्हीकल्स (एसपीवी) और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर्स से कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर्स तक और उसके बाद ऐसी शेल कंपनियों तक पहुंचा, जिनका सड़क निर्माण से कोई लेना-देना नहीं था। बाद में इन ट्रांसफर को असली प्रोजेक्ट खर्च के तौर पर दिखाने के लिए दस्तावेज तैयार किए गए, जबकि फंड को शेल कंपनियों और हीरा व्यापारियों के जरिए घुमाया गया।
ईडी ने ने इस मामले में 3 अगस्त को 187 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है। इसमें आरआईएल के पास मौजूद अचल संपत्ति और एम/एस रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर, तथा एम/एस क्षीराब्द कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद जमीन शामिल है। सेठ को इस मामले में 12 जून को गिरफ्तार किया गया था और वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
एजेंसी ने मुंबई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा 11 फरवरी, 2026 को दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।
यह एफआईआर फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों का इस्तेमाल करके बनाई और चलाई जा रही शेल कंपनियों से संबंधित थी, जिनका इस्तेमाल फर्जी इनवॉइस और हीरे के ज्यादा-मूल्यांकित आयात की आड़ में फंड और बाहरी रेमिटेंस के लिए किया जा रहा था।
बयान में कहा गया है कि अन्य लोगों की भूमिका के संबंध में आगे की जांच चल रही है।
--आईएएनएस
डीकेएम/पीएम






