ईडी की बड़ी कार्रवाई: अरविंद जोशी मामले में 22.46 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त

ईडी की बड़ी कार्रवाई: अरविंद जोशी मामले में 22.46 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त

भोपाल, 30 जून (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल स्थित जोनल ऑफिस ने मंगलवार को 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002' के प्रावधानों के तहत अरविंद जोशी और अन्य लोगों के मामले में लगभग 22.46 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त करने का आदेश जारी किया है।

जब्त संपत्तियों में भोपाल के सेमरी बज्याफत गांव में स्थित क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़ी संरचनाएं (होटल और रिसॉर्ट) तथा संबंधित जमीन शामिल है। ईडी ने स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट, लोकायुक्त, भोपाल द्वारा स्वर्गीय अरविंद जोशी और टीनू जोशी (दोनों एमपी कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी) के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी।

दोनों पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक, लगभग 41.87 करोड़ रुपए की चल/अचल संपत्ति रखने का आरोप था। इन दोनों के खिलाफ ऐसे कई आरोप, शिकायतें, जानकारी और सबूत थे, जिनसे पता चलता था कि स्वर्गीय अरविंद जोशी और टीनू जोशी ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और भ्रष्टाचार में शामिल रहे।

स्वर्गीय अरविंद जोशी ने अपराध से प्राप्त धन का उपयोग करके अपने नाम के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और करीबी सहयोगियों के नाम पर भी कई चल और अचल संपत्तियां हासिल की थीं। ईडी जांच में यह भी पता चला कि गलत तरीके से हासिल की गई संपत्तियों के असली मालिक को छिपाने और उन्हें वैध संपत्ति के तौर पर दिखाने के लिए बेनामी संस्थाओं, फर्जी समझौतों और कई चरणों वाले लेन-देन का इस्तेमाल किया गया था।

जांच से यह भी साबित हुआ कि 'फेथ क्रिकेट क्लब' का कामकाज स्वर्गीय अरविंद जोशी ही संभालते थे, क्योंकि क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए किया गया निवेश उनके सहयोगी राघवेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से उनकी अवैध संपत्ति से किया गया था।

ईडी ने इस मामले में पहले भी लगभग 13.60 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है और भोपाल की विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायतें दायर की हैं। वहीं, ईडी की ओर से अपराध से प्राप्त बाकी धन की पहचान करने और उसे जब्त करने के लिए पीएमएलए के तहत आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी