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मध्य प्रदेश: आईएमडी ने कई जिलों के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट किया जारी

मध्य

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने मध्य प्रदेश के बड़े हिस्से में बिजली कड़कने और बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी और उत्तरी जिलों में अलर्ट का स्तर ज्यादा है, जबकि मध्य और पूर्वी हिस्सों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है या वहां चेतावनी का स्तर कम है।

आईएमडी ने भारी से बहुत भारी बारिश के संभावित असर बताए हैं, जिनमें निचले इलाकों में जलभराव और अस्थायी बाढ़, पानी जमा होने और कम विजिबिलिटी के कारण सड़क और रेल यातायात में रुकावट, और तेज हवाओं से कमजोर पेड़ों के उखड़ने या अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने का जोखिम शामिल है। खेतों में कुछ समय के लिए पानी जमा हो सकता है और स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति में रुकावट आ सकती है।

एडवाइजरी के अनुसार, श्योपुर कलां, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया/रतनगढ़, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी/ओरछा और मंदसौर/गांधी सागर अभयारण्य में बिजली कड़कने के साथ मध्यम दर्जे की आंधी और बारिश की संभावना है। इन इलाकों में 5-15 मिमी प्रति घंटे की दर से बारिश हो सकती है और बादलों से जमीन पर बिजली गिरने की संभावना 30-60 प्रतिशत है।

नीमच, रतलाम, ढोलावाद, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, उदयगिरि, दमोह, पन्ना, रीवा, सतना, चित्रकूट, छतरपुर, खजुराहो, भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, शाजापुर, उज्जैन, बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, डिंडोरी, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, सागर, सीधी, शहडोल और सिंगरौली में हल्की आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना है। इन जिलों में बारिश की रफ्तार 5 एमएस प्रति घंटे से कम रहने और बिजली चमकने की संभावना 30 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है।

आईएमडी ने भारी बारिश के संभावित असर के बारे में चेतावनी दी है, जिसमें निचले इलाकों में पानी भरना, पानी जमा होने, कम विजिबिलिटी के कारण सड़क और रेल यातायात में अस्थायी रुकावट, और स्थानीय स्तर पर बाढ़ का खतरा शामिल हैं। आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं कमजोर पेड़ों को उखाड़ सकती हैं और फूस या अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। खेतों में भी कुछ समय के लिए पानी जमा हो सकता है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी बरतें, नदियों, नहरों और निचले इलाकों से दूर रहें, तूफान के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और अपने बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखें। किसानों से कहा गया है कि वे कटी हुई फसलों और मवेशियों की सुरक्षा करें। वाहन चालकों से कहा गया है कि वे गीली सड़कों पर सावधानी से गाड़ी चलाएं और प्रभावित इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

--आईएएनएस

एमएस/