विजयवाड़ा, 9 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि गठबंधन सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि 2027 तक हर आदिवासी परिवार को सुरक्षित पीने का पानी और घर मिल सके।
दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में मरीजों को 'डोली' में ले जाने जैसे पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने से बचाने के लिए फीडर एम्बुलेंस, 108 और 104 मोबाइल मेडिकल यूनिट की व्यवस्था की गई है। आदिवासी इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सेल टावर भी लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने 'अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस' के मौके पर बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आदिवासी समुदायों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने घोषणा की कि 1.5 लाख आदिवासी युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उन्हें रोजगार और आजीविका के अवसर मिल सकें। आदिवासी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मौके पर साइन किए गए 19 एमओयू से लगभग 60,000 लोगों को फायदा होगा और आजीविका व विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने आदिवासी समुदायों पर खास ध्यान देते हुए तीन जिले बनाए हैं, जिससे उन्हें बेहतर प्रशासनिक प्राथमिकता मिल सके।
सीएम ने कहा कि सरकार पहले 'जीओ नंबर 3' लाई थी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदिवासी इलाकों में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि बाद में इस आदेश को रद्द कर दिया गया था और कहा कि मौजूदा सरकार स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की रक्षा के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है।
उन्होंने आदिवासी समुदायों से अपनी आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने और अपनी व्यक्तिगत सफलता को राष्ट्र-निर्माण का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
सीएम नायडू ने कहा कि आदिवासी समुदायों ने साबित कर दिया है कि जब अवसर मिलते हैं तो वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाते हुए असाधारण सफलता हासिल कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जिक्र करते हुए कहा कि एक साधारण आदिवासी महिला से लेकर ओडिशा में मंत्री और राज्यपाल बनने और अंततः देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का उनका सफर हर नागरिक के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने स्वतंत्रता दिवस नजदीक आने पर लोगों से खुद से यह सवाल पूछने को कहा कि वे समाज और देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। नायडू ने कहा कि बेहतर फसल उगाने वाला आदिवासी किसान, स्वरोजगार से कमाई करने वाली महिला, छात्र, शिक्षक, कर्मचारी, उद्यमी या पूरी लगन और बेहतरीन काम करने वाला कोई भी व्यक्ति देश के विकास में योगदान दे रहा है।
उन्होंने नागरिकों से 'मेरा देश, मेरा राज्य, मेरा गांव और मेरा परिवार' की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के लिए काम करना ही देशभक्ति का सबसे बड़ा रूप है। ईमानदारी से काम करने वाला हर व्यक्ति समाज के लिए एक संपत्ति है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने राज्य में 27.39 लाख आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए 4,764 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। इंटीग्रेटेड ट्राइबल डेवलपमेंट एजेंसियों (आईटीडीए) के माध्यम से जीवन स्तर, बुनियादी ढांचे, रोजगार, आजीविका और कौशल विकास में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मिशन मोड के आधार पर 2,336 आदिवासी बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ा जा रहा है। 'अदावी तल्ली बाटा' पहल के तहत, 1,000 करोड़ रुपए की लागत से 905 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 25 साल पहले अराकू कॉफी को एक बड़े ब्रांड के तौर पर स्थापित करने की नींव रखी थी और अब यह उत्पाद एक वैश्विक ब्रांड बन गया है। सरकार एक लाख एकड़ और जमीन पर कॉफी की खेती को बढ़ावा दे रही है, साथ ही एजेंसी क्षेत्रों को कॉफी, काली मिर्च और हल्दी जैसी व्यावसायिक फसलों के लिए एक प्रमुख ब्रांड डेस्टिनेशन में बदलने का काम कर रही है।
--आईएएनएस
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