हमारा खेमा दिन-ब-दिन मजबूत होता जा रहा है: ऋतब्रत बनर्जी

हमारा खेमा दिन-ब-दिन मजबूत होता जा रहा है: ऋतब्रत बनर्जी

कोलकाता, 15 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने अपने खेमे में बढ़ती विधायकों की संख्या पर प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हमारी एक सामूहिक लड़ाई है। हमारे खेमे में लोगों की संख्या में तेज गति से वृद्धि हो रही है। इसी कड़ी में अब मदन मित्रा भी हमारे इस सामूहिक खेमे का हिस्सा बने हैं, जिनका हम स्वागत करते हैं। इससे हमारा सामूहिक खेमा आगामी दिनों में मजबूत होगा।

इसके अलावा, उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि कोर्ट की ओर से इस संबंध में आदेश दिया जा चुका है। लिहाजा मैं इस पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दे सकता हूं। मुझे वैसे लगता नहीं है कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए उनके लिए लोगों को अपने पक्ष में करना ज्यादा सहूलियत भरा रहेगा।

साथ ही, उन्होंने अभिषेक बंदोपाध्याय के संबंध में सवाल किए जाने पर कहा कि मैं उन पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दे सकता हूं।

ऋतब्रत बनर्जी के मुताबिक, हमारी लड़ाई एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ है। अब हमारे खेमे में मदन मित्रा भी शामिल हो गए हैं। ऐसी स्थिति में हमें तानाशाही के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हमारा समूह मजबूत होगा।

वहीं, ऋतब्रत बनर्जी खेमे के संदीपन साहा ने भी मदन मित्रा के अपने गुट में शामिल होने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारे गुट में विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी स्वाभाविक सी बात है, क्योंकि हम ही लोग असली टीएमसी वाले हैं। हम लोग सक्षम प्राधिकरण की ओर से मान्यता प्राप्त टीएमसी हैं। वहीं, ममता बनर्जी के साथ लंबे समय से जुड़े लोगों को भी इस बात का एहसास हो रहा है कि टीएमसी की असली विचारधारा अगर कोई लेकर चल रहा है तो हम लोग चल रहे हैं। इसी को देखते हुए बड़ी संख्या में अब लोग हमारे साथ शामिल होने के लिए इच्छुक नजर आ रहे हैं, जो लोग पहले कभी टीएमसी की विचारधारा की बात करते थे। लेकिन, आज यही लोग इस विचारधारा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

उधर, उन्होंने अनुब्रत मंडल के साथ होने वाली बैठक पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आगामी 21 तारीख को हमारी बैठक होने वाली है। हमें पूरा विश्वास है कि इस बैठक में पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। उधर, हमारे खेमे में लगातार विधायकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिसे हम गिन भी नहीं पा रहे हैं।

वहीं, मदन मित्रा ने ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में शामिल होने के पीछे की वजह बताई। उन्होंने बताया कि मेरे लिए ममता बनर्जी के साथ अपनी राजनीतिक पारी को जारी रखना मुश्किल था। इसी को देखते हुए मैंने ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में शामिल होने का फैसला किया। मुझे ममता बनर्जी के साथ रहते हुए घुटन महसूस हो रही थी। अभिषेक बनर्जी के हिटलरशाही रवैये से हम सभी लोग त्रस्त हो चुके थे। मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि मैंने टीएमसी को नहीं छोड़ा है, बल्कि पार्टी के सभी पदों को छोड़ा है।

उन्होंने ममता बनर्जी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को सबकुछ पता है, वह सबकुछ समझती हैं, लेकिन अभिषेक बनर्जी को लेकर कुछ भी नहीं कह सकती हैं, क्योंकि अब वह काफी कमजोर हो चुकी हैं।

--आईएएनएस

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