होम लोन धोखाधड़ी मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता, जम्मू बैंक के पूर्व अधिकारी समेत दो को सजा

होम लोन धोखाधड़ी मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता, जम्मू बैंक के पूर्व अधिकारी समेत दो को सजा

जम्मू, 30 जून (आईएएनएस)। जम्मू की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने हाउसिंग लोन धोखाधड़ी के मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक पूर्व सीनियर मैनेजर और एक अन्य दोषी को एक-एक वर्ष की जेल और 20,000 रुपए का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।

सीबीआई ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर मैनेजर राजिंदर कौल (जिन्हें अब नौकरी से निकाल दिया गया है) और एक प्राइवेट व्यक्ति श्याम सुंदर अग्रवाल के खिलाफ हाउसिंग लोन बांटने में गड़बड़ी के लिए मामला दर्ज किया गया था।

सीबीआई ने कहा कि जब आवेदकों को नकली और जाली कागजात के आधार पर हाउसिंग लोन बांटे गए, तब कौल जम्मू में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तालाब टिल्लो ब्रांच में तैनात थे। कौल के सीनियर अधिकारियों की शिकायत पर जांच पूरी करने के बाद, सीबीआई ने 22 सितंबर 2007 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की।

सीबीआई ने बताया कि ट्रायल के बाद स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को कौल और अग्रवाल को दोषी ठहराया और मंगलवार को उन्हें सजा सुनाई।

सीबीआई ने बताया कि होम लोन धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग मामले में चेन्नई की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बैंक के एक पूर्व सीनियर अधिकारी और एक प्राइवेट कंपनी के प्रमुख को सात वर्ष की सख्त कैद की सजा सुनाई।

इसमें हाउसिंग लोन को धोखाधड़ी से मंजूरी देने और बांटने का मामला शामिल था, जिससे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 5.29 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। कोर्ट ने इस मामले में प्राइवेट कंपनी पर जुर्माना भी लगाया।

कोर्ट ने सोमवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की चेन्नई स्थित ट्रिपलिकेन ब्रांच के तत्कालीन सीनियर मैनेजर दीपक वी मेनन को दोषी ठहराया और सात वर्ष की सख्त कैद के साथ 65,000 रुपए का जुर्माना लगाया।

कोर्ट ने श्री शास्त्रु एसोसिएट्स कदान्थेत्ती प्राइवेट लिमिटेड के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर बी शिवगणेशन को भी सात वर्ष की सख्त कैद की सजा सुनाई और 1.17 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। इस मामले में कंपनी पर भी 26,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

यह मामला सीबीआई ने 29 अप्रैल 2009 को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 2006 और 2007 के बीच जाली और बनावटी कागजात के आधार पर 28 हाउसिंग लोन धोखाधड़ी से मंजूर किए गए और बांटे गए।

--आईएएनएस

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