अहमदाबाद, 22 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने 28 दिनों तक 'सुरक्षित शक्ति अभियान' चलाया। 17 अगस्त से 13 सितंबर तक चले इस अभियान में अपराध की रोकथाम, डिजिटल सुरक्षा, पीड़ित सहायता और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। अभियान के दौरान गुजरात पुलिस की 'एसएचई टीम' ने महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का भी काम किया।
अभियान के दौरान संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और ऐसे स्थान जहां महिलाओं की अधिक आवाजाही रहती है, वहां 'एसएचई टीम' ने पेट्रोलिंग की और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी। महिलाओं की सहायता के लिए गुजरात पुलिस की ओर से वुमेन हेल्पलाइन 181, इमरजेंसी पुलिस सहायता 112, साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन 1930 और वन स्टॉप सेंटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अभियान के जरिए गुजरात पुलिस ने महिला सुरक्षा के साथ स्मार्ट पुलिसिंग पर भी जोर दिया। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
अहमदाबाद पुलिस के सब इंस्पेक्टर बीयू गंडेचा ने बताया कि महिलाओं से जुड़े स्थानों पर 'एसएचई टीम' लगातार पेट्रोलिंग करती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाना है।
अभियान को लेकर स्थानीय महिलाओं ने भी पुलिस की सक्रियता की सराहना की। स्थानीय निवासी आशुमी मेहता ने कहा कि पहले नवरात्रि या रिवरफ्रंट जैसी जगहों पर जाते समय उन्हें इस बात की चिंता रहती थी कि कोई अनजान व्यक्ति पीछा न कर रहा हो। अब 'एसएचई टीम' के सक्रिय रहने से यह डर कम हुआ है।
स्थानीय निवासी निशा पटेल ने बताया कि वह नौकरी के सिलसिले में देर रात तक आती-जाती हैं। ऐसे में किसी परेशानी की स्थिति में 'एसएचई टीम' से मदद मिलने का भरोसा रहता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर टीम को फोन करने पर तत्काल सहायता मिलती है।
‘सुरक्षित शक्ति अभियान’ के तहत महिलाओं को साइबर सुरक्षा के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, सेक्सटॉर्शन, डीपफेक, ओटीपी फ्रॉड और क्यूआर कोड से जुड़े ऑनलाइन अपराधों के प्रति महिलाओं को जागरूक किया।
अभियान में प्रिवेंटिंग पुलिसिंग यानी अपराध होने से पहले उसकी रोकथाम पर भी जोर दिया गया। इसके अलाव हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई, महिला हेल्प डेस्क और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में सहायता को अभियान का हिस्सा बनाया गया।
गुजरात पुलिस के एडीजीपी, महिला सेल अजय चौधरी ने बताया कि विभिन्न हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों पर 'एसएचई टीम' को भेजकर सहायता और जागरूकता का काम किया गया। पुलिस स्टेशनों पर महिला हेल्प डेस्क और साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी अभियान को सुनियोजित तरीके से चलाया गया।
--आईएएनएस
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