गांधीनगर में शांति निवास हॉस्टल का उद्घाटन, सीएम ने मोदी सरकार की नीतियों की सराहना की

गांधीनगर में शांति निवास हॉस्टल का उद्घाटन, सीएम ने मोदी सरकार की नीतियों की सराहना की

गांधीनगर, 5 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि भले ही भारत सेमीकंडक्टर जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा हो लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के सबसे कमजोर और वंचित लोगों के प्रति रवैया उनकी सच्ची संवेदनशीलता को दिखाता है।

मुख्यमंत्री गांधीनगर जिले के कलोल तालुका के पंसार गांव में वंचित और घुमंतू समुदायों के बच्चों के लिए बने शांति निवास हॉस्टल के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह हॉस्टल विचरता समुदाय समर्थन मंच और डॉ. के.आर. श्रॉफ फाउंडेशन द्वारा चलाया जाता है। इस मौके पर उन्होंने वल्लभ विद्या विहार स्कूल का भूमिपूजन भी किया। कार्यक्रम में राज्य भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छात्रों को किताबें भी वितरित कीं। सीएम पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा अपने संघर्षों पर बात करने के बजाय कठिनाइयों को स्थायी समाधान में बदलने पर जोर देते हैं।

उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री एक बहुत ही सामान्य और गरीब परिवार में बड़े हुए, लेकिन उन्होंने कभी अपने दुखों का जिक्र नहीं किया। उन्होंने हमेशा दर्द को व्यवस्था में बदलने का रास्ता चुना। उनका लगातार प्रयास रहा है कि गरीब और वंचित लोगों की समस्याओं का स्थायी समाधान हो।''

मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमंतू और विमुक्त समुदायों के लोगों को दशकों तक बिना स्थायी घर के जीवन जीना पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें समाज में सम्मान और स्थायी पता दिलाने का काम किया।

उन्होंने कहा, ''स्थायी पता मिलने से व्यक्ति की पहचान बनती है और पहचान से उसे अपने अधिकार मिलते हैं।''

सीएम ने विचरता समुदाय समर्थन मंच के काम की भी सराहना की और कहा कि यह संगठन वंचित समुदायों को मुख्यधारा में लाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास घर, भोजन और बच्चों की शिक्षा को लेकर अनिश्चितता रहती है, उनके लिए काम करना बहुत बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने भारत की तकनीकी प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात में एक दिन पहले सेमीकंडक्टर क्षेत्र की तीसरी कंपनी शुरू हुई है, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री का ध्यान गरीबों की बुनियादी जरूरतों पर भी उतना ही है।

उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ स्वच्छता और गरीबों की भलाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। 'विकसित गुजरात' और 'विकसित भारत' तभी संभव है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे।

जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि विचरता समुदाय समर्थन मंच घुमंतू और विमुक्त समुदायों के उन परिवारों की मदद कर रहा है जिनके पास घर नहीं है और जो अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की 'अंत्योदय' सोच से प्रेरित होकर कई परिवारों को स्थायी घर मिले हैं।

विचरता समुदाय समर्थन मंच की संस्थापक ट्रस्टी मित्तल पटेल ने कहा कि सरकार और प्रशासन के सहयोग से घुमंतू समुदायों के लिए कई कल्याणकारी काम हुए हैं।

उन्होंने बताया कि संगठन ने 2000 से अधिक घर बनाए हैं। 13,000 परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऋण दिए हैं। 470 तालाब गहरे किए हैं और बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया है।

उन्होंने समाज से अपील की कि वडि, मदारी, सरनिया और कंगसिया जैसे समुदायों की मदद के लिए लोग आगे आएं।उन्होंने कहा कि जो काम लगभग 20 साल पहले एक टेंट स्कूल से शुरू हुआ था, वह अब एक बड़े शैक्षणिक परिसर में बदल गया है।

--आईएएनएस

एएमटी/वीसी