ग्रेटर नोएडा: वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर जीआईएमएस के आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन

ग्रेटर नोएडा: वेतन वृद्धि और नियमितीकरण की मांग को लेकर जीआईएमएस के आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन

ग्रेटर नोएडा, 15 जून (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) में सोमवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और वेतन भुगतान में अनियमितताओं को दूर करने की मांग करते हुए संस्थान परिसर में धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पताल में सेवाएं दी थीं। उस समय संस्थान प्रशासन की ओर से उन्हें वेतन बढ़ाने और स्थायी नियुक्ति देने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि महामारी के दौरान किए गए उनके योगदान के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मिलने वाला वेतन उनकी जरूरतों के अनुरूप नहीं है। सैलरी स्लिप में जो राशि दर्शाई जाती है, उससे कम पैसा उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है। इस कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में कम वेतन के साथ परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मांग की कि उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, वेतन में उचित वृद्धि की जाए और वेतन भुगतान से जुड़ी कथित विसंगतियों की निष्पक्ष जांच कर समाधान किया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी समस्याओं को विभिन्न माध्यमों से प्रशासन के सामने उठा रहे हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं मिल पाया है।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रबंधन ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और नियमों के तहत समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। कर्मचारियों की कुछ मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और उन्हें जल्द पूरा करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, कुछ मांगें शासन स्तर से जुड़ी हुई हैं, जिन पर संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी।

--आईएएनएस

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