लखनऊ, 15 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद छोटे लाल खरवार ने 'एक देश, एक चुनाव' के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी की संभावनाओं पर निशाना साधने वाले उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर के बयानों का जवाब दिया।
उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' के संबंध में बैठक हो रही है। हमने दस राज्यों का दौरा किया और सभी लोगों से संवाद करके उनकी राय जानने की कोशिश की। भाजपा 'एक देश, एक चुनाव' के पक्ष में तर्क दे रही है कि इससे खर्च कम होगा। हमारा मानना है कि इससे खर्च में किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा। चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश आया था, जिसमें पाया गया कि प्रदेश में एक साथ चुनाव कराने के संबंध में सिर्फ ढाई करोड़ का अंतर आ रहा है। मुझे लगता है कि 2029 तक समीक्षा बैठक का सिलसिला जारी रहेगा। बैठक में ग्राम और नगर पंचायत चुनाव का भी जिक्र किया गया। हमने कहा कि सै दिनों के अंदर चुनाव कराए जाने चाहिए और इसके सौ दिनों बाद लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे।
सपा सांसद ने कहा कि ये लोग दावा कर रहे हैं कि हम एक साथ पूरे देश का चुनाव करा देंगे। लेकिन, अभी तक ये लोग पिछले पांच साल में उत्तर प्रदेश के पंचायत का चुनाव नहीं करा पाए हैं। इसी तरह से कई अन्य राज्यों में भी विभिन्न चुनाव लंबित पड़े हैं। यही सिलसिला जारी रहा, तो अन्य राज्यों के चुनाव भी नहीं हो पाएंगे। जिला प्रमुख और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव पार्टी के सिंबल पर होना चाहिए। वहां पर दलित, गरीब और आदिवासी हर व्यक्ति चुनाव में उतर सकता है। इस दिशा में पार्टी भी मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि हमने बैठक में यह बात रखी कि आप लोग पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं। लेकिन, उससे पहले उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में जिला, पंचायत और नगर निगम के चुनाव एक साथ करके दिखा दीजिए, तो हम मान जाएंगे कि आप इस दिशा में कुछ कर सकते हैं। मेरा तो यही कहना है कि जब आप लोग पूरे देश का चुनाव एक साथ कराने के बारे में सोच रहे हैं, तो क्या अभी तक उत्तर प्रदेश के पंचायत का चुनाव हुआ है? इसके पीछे की वजह क्या है?
सपा नेता ने कहा कि ये लोग एक साथ चुनाव कराने के बारे में सोच रहे हैं। लेकिन, अगर किसी कारणवश कहीं पर सरकार गिर जाती है, तो ऐसी स्थिति में क्या कदम उठाए जाएंगे? इस बारे में अभी तक बिल में किसी भी प्रकार के कदम का जिक्र नहीं किया गया है। मैं तो कहूंगा कि इन्हें जिला और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जनता से कराना चाहिए। उत्तर प्रदेश में नगर पालिका, नगर निगम और पंचायत को भंग करके चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए, यह सबसे बड़ा राज्य है। सरकार इस दिशा में कदम उठाकर दिखाए।
उन्होंने राज्य सरकार के मंत्री ओपी राजभर के बयान पर कहा कि जिस व्यक्ति का बेटा भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनाव हार गया हो, वह क्या ही बात करेंगे। वह सपा में रहते हुए ही विधायक बने थे। अगर सपा में नहीं होते, तो कभी विधायक भी नहीं बन पाते। इस बार जरा 2027 के चुनाव में विधायक बनकर दिखाएं। हमें इंतजार रहेगा। ये बहुत बोलने वालों की सूची में शामिल हैं। इनके बारे में बहुत कुछ कहना भी बेकार ही है। इनके बारे में प्रदेश के लोग जानते हैं।
--आईएएनएस
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