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उपराज्यपाल ने दिल्ली के लोगों से 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य हासिल करने में नेतृत्व करने की अपील की

उपराज्यपाल

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) टी.एस. संधू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लोक निवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके साथ ही उन्होंने लाल किले पर बताए गए प्रधानमंत्री के "शक्ति की सप्तधारा" के विजन का ज़िक्र किया और दिल्ली के निवासियों से 'विकसित भारत 2047' की ओर देश की यात्रा में नेतृत्व करने की अपील की।

उपराज्यपाल ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस और बलिदान को याद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का जिक्र करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने "शक्ति की सप्तधारा" का अपना विज़न पेश किया, यानी ताकत की सात मुख्य धाराएं। मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और भारत की सॉफ्ट पावर। उन्होंने कहा कि ये सभी मिलकर आने वाले वर्षों में देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएंगी। ये सभी धाराएं दिल्ली के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और राजधानी के निवासियों से अपील की कि वे विकास की इन सात धाराओं के आधार पर 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करने में देश का नेतृत्व करें।

उपराज्यपाल ने कहा कि राजधानी का लक्ष्य एक 'विकसित दिल्ली' बनाना है। ऐसी दिल्ली जो बेहतरीन कामकाज, सुरक्षा और नागरिक गर्व का राष्ट्रीय मॉडल बने। सरदार संधू ने कहा कि उनके लिए दिल्ली की सेवा सिर्फ एक प्रशासनिक काम नहीं, बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी है। वे पिछले 50 सालों से इस शहर को जानते हैं और यहां काम कर रहे हैं और इसे अपनी 'कर्मभूमि' मानते हैं। दिल्ली का हर जिला, सड़क और मोहल्ला अपनी एक कहानी कहता है। राजधानी में बहुत क्षमता है, प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इस क्षमता को हर नागरिक के लिए सुविधा, सम्मान और भलाई में बदला जाए।

उपराज्यपाल ने आगे कहा कि दिल्ली में पब्लिक गवर्नेंस का तरीका प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, नगर निकायों, पड़ोसी राज्यों और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया, ताकि मुश्किल चुनौतियों को लंबे समय तक चलने वाले मौकों में बदला जा सके। राजधानी के सामने मुख्य प्राथमिकताओं में उपराज्यपाल ने यमुना की सफाई, वायु प्रदूषण से निपटना, सबके लिए घर, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा (खासकर महिलाओं और बच्चों की), ट्रैफ़िक मैनेजमेंट और दिल्ली की विरासत को फिर से संवारने जैसी बातें गिनाईं।

युवाओं को संबोधित करते हुए सरदार संधू ने कहा कि वे ही दिल्ली के भविष्य को आगे ले जाने वाले मुख्य लोग हैं और उनकी ऊर्जा, नए विचार और नागरिक भावना ही आधुनिक दिल्ली की असली ताकत हैं। उन्होंने नागरिकों से अपने आस-पास के इलाकों को साफ रखने, सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा करने और अपने मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरकार भले ही सुंदर सार्वजनिक जगहें बना सकती है, लेकिन उन्हें बनाए रखने का काम सिर्फ नागरिक ही कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं, इन्फ्लुएंसर्स, आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और आम नागरिकों से इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ आगे आने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि जो शहर सच में अपने कमजोर वर्गों का ख्याल रखता है, वही एक सभ्य और प्रगतिशील समाज की पहचान है।

उपराज्यपाल ने सभी से दिल्ली को दुनिया की एक बेहतरीन राजधानी बनाने का संकल्प लेने को कहा।

--आईएएनएस

ओपी/डीएससी