Central Water Commission : बाढ़ प्रबंधन पर आज राज्यों के साथ केंद्र की अहम बैठक

बाढ़ तैयारी मजबूत करने, एआई आधारित पूर्वानुमान पर फोकस
बाढ़ प्रबंधन पर आज राज्यों के साथ केंद्र की अहम बैठक

नई दिल्ली: जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के तहत काम करने वाले केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) सोमवार को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने जा रहा है। यह कार्यशाला बाढ़ पूर्वानुमान सेवाओं और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और उनकी समीक्षा के दिशा-निर्देशों पर आधारित होगी।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह है कि सीडब्ल्यूसी अपनी मौजूदा सेवाओं और नई पहलों की जानकारी सभी संबंधित पक्षों को दे सके और उनसे सुझाव ले सके। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच बाढ़ पूर्वानुमान, तैयारी और बाढ़ प्रबंधन की योजना में बेहतर तालमेल बनाया जा सके। साथ ही, इस पर भी जोर दिया जाएगा कि राज्य सरकारों द्वारा सीडब्ल्यूसी की पूर्वानुमान और निर्णय सहायता सेवाओं का प्रभावी उपयोग कैसे किया जाए, जिसमें अन्य केंद्रीय संस्थानों का सहयोग रहेगा।

 

बाढ़ से प्रभावित राज्यों की सरकारों को भी इस कार्यशाला में मौका मिलेगा कि वे बाढ़ पूर्वानुमान से जुड़ी अपनी पहलें साझा करें और यह बताएं कि सीडब्ल्यूसी की सेवाओं के साथ मिलकर बेहतर तरीके से कैसे काम किया जा सकता है।

 

उम्मीद की जा रही है कि इस कार्यशाला से बाढ़ से निपटने की तैयारी मजबूत होगी, बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी और विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ेगा। यह सरकार की आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने और जल प्रबंधन को जलवायु के अनुरूप बनाने की नीति के अनुरूप है।

 

सुबह होने वाले तकनीकी सत्रों में सीडब्ल्यूसी की बाढ़ पूर्वानुमान क्षमताओं पर चर्चा होगी। इसमें कम अवधि और सात दिन तक का पूर्वानुमान, जलभराव का अनुमान, बांधों के संचालन में सहायता, जीएलओएफ निगरानी और एआई या मशीन लर्निंग का उपयोगजैसी नई पहलें, आईएमडी से विस्तारित-श्रेणी वर्षा पूर्वानुमानों का उपयोग और अचानक बाढ़ पूर्वानुमान शामिल हैं। राज्य सरकारें भी सीडब्ल्यूसी के साथ अपने अनुभव साझा करेंगी।

 

दोपहर के सत्र में बाढ़ प्रबंधन और कटाव रोकने से जुड़ी परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने, जमा करने और उनकी जांच के दिशा-निर्देशों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की गुणवत्ता सुधारना और समय पर उनकी समीक्षा सुनिश्चित करना है। राज्यों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर इन दिशा-निर्देशों में सुधार किया जाएगा।

 

कार्यशाला का समापन सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष अनुपम प्रसाद की अध्यक्षता में होगा, जिसमें प्रमुख निष्कर्षों और आगे की दिशा पर चर्चा की जाएगी।

 

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वी. एल. कांता राव इस कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। इसमें सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष, सदस्य और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

--आईएएनएस

 

 

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