जम्मू, 20 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर रेलवे ने गुरुवार को बताया कि भले ही वंदे भारत ट्रेन को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलाने की मंजूरी मिल गई है लेकिन जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल पर अभी तक इस रफ्तार से कोई ट्रेन नहीं चलाई गई है।
उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा कि कुछ रिपोर्टों में यह बताया गया था कि वंदे भारत ट्रेन चिनाब या अंजी ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ़्तार से चली थी।
उन्होंने कहा, "बनिहाल से श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेल सेक्शन पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 100 किमी/घंटा करने की मंजूरी दे दी गई है। अभी तक किसी भी ट्रेन को 100 किमी/घंटा की रफ्तार से नहीं चलाया गया है।"
इससे पहले, उत्तर रेलवे के कुछ अधिकारियों ने कहा था कि वंदे भारत ट्रेन चिनाब रेलवे ब्रिज पर 100 किमी/घंटा की रफ़्तार से चली है।
संपर्क करने पर अधिकारियों ने बताया कि जानकारी में कुछ कमी रह गई थी। पत्रकारों को बताया गया था कि वंदे भारत ट्रेन के संचालन की मंजूरी मिल गई है जबकि असल में अभी तक इसका संचालन नहीं हुआ है।
जम्मू के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने पत्रकारों को बताया कि रफ्तार बढ़ने से यात्रा का समय कम होगा और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
उन्होंने कहा, "इस कदम से यात्रियों को तेज, सुरक्षित आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा, साथ ही इस इलाके में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।"
रेलवे मंत्रालय से कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन पर अधिकतम अनुमत गति बढ़ाने की मंजूरी मिलने के बाद वंदे भारत पहली बार चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल पर लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
अभी, कटरा-संगलदान सेक्शन पर तय स्पीड 85 किमी/घंटा और संगालदान-बनिहाल सेक्शन पर 75 किमी/घंटा थी।
उत्तर रेलवे ने यह भी कहा है कि सभी जरूरी सुरक्षा शर्तों का पालन पक्का करने के बाद ही स्पीड बढ़ाने की मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि स्पीड लिमिट में बदलाव के साथ श्री माता वैष्णो देवी कटरा और बनिहाल के बीच यात्रा का समय और कम होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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