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जिनपिंग की भारत यात्रा से सकारात्मक नतीजे निकलेंगे, यह भारत की बढ़ती ताकत का संकेत: कीर्ति वर्धन सिंह

जिनपिंग

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित भारत यात्रा को भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और मजबूत विदेश नीति का संकेत बताते हुए कहा कि इतने बड़े देश के नेता का भारत आना दोनों देशों के लिए सकारात्मक और ठोस परिणाम लेकर आएगा।

आईएएनएस से बातचीत में कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि अगर शी जिनपिंग भारत आ रहे हैं तो इसे रचनात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इतने बड़े देश का नेता भारत आ रहा है तो इसमें कुछ न कुछ ठोस और सकारात्मक बातें जरूर निकलेंगी। यह दौरा साफ संकेत है कि भारत की वैश्विक स्थिति और मजबूती लगातार बढ़ रही है।"

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति लगातार मजबूत हुई है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में प्रगति, रूस के साथ उर्वरक समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और अन्य देशों के साथ हुए समझौते इसका उदाहरण हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाला यह दौरा भारत और चीन दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित होगा।

नितिन गडकरी के नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने संबंधी बयान पर कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि यह प्रकृति का सामान्य नियम है। उम्र बढ़ने के साथ अनुभव बढ़ता है, जबकि ऊर्जा धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसलिए वरिष्ठ पीढ़ी को अपना अनुभव और ज्ञान नई पीढ़ी को सौंपना चाहिए, ताकि युवा अपनी ऊर्जा और वरिष्ठों के अनुभव के साथ समाज और देश को आगे बढ़ा सकें।

गृह मंत्री अमित शाह के "देश कोई धर्मशाला नहीं है" वाले बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अवैध घुसपैठियों के लिए धर्मशाला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सीमाओं की सुरक्षा जरूरी है। भारत ने हमेशा तय प्रक्रिया के तहत शरणार्थियों का स्वागत किया है, लेकिन अवैध तरीके से आने वाले घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को निजी हाथों में दिए जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि किसी संस्था का संचालन केवल सरकारी या निजी हाथों में होने से उसकी सफलता तय नहीं होती, बल्कि यह नेतृत्व पर निर्भर करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी सरकार सोच-समझकर निर्णय लेती है और यह फैसला संस्था तथा समाज दोनों के हित में होगा।

--आईएएनएस

डीएससी