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छत्तीसगढ़ पुलिस हिरासत में युवक की मौत की होगी सीबीआई जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

छत्तीसगढ़

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट ने सीबीआई को 34 साल के श्रवण की हिरासत में हुई मौत की जांच करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह फैसला लिया।

श्रवण की मौत जनवरी 2024 में हुई थी लेकिन पुलिस ने 30 जुलाई 2026 को एफआईआर दर्ज की। न्यायिक जांच में सामने आया था कि हिरासत के दौरान सिर में लगी चोट के कारण श्रवण की मौत हुई थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह उन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करे, जिन्होंने न्यायिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद उचित कार्रवाई नहीं।

कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वो 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले कोर्ट में रिपोर्ट प्रस्तुत करे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिजनों को 25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। हालांकि, अंतिम मुआवजे की राशि बाद में तय की जाएगी।

दरअसल, 18 जनवरी 2024 को बिलासपुर जिले की सीपत थाना पुलिस ने श्रवण सूर्यवंशी को कथित रूप से कच्ची शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेजा गया लेकिन 21 जनवरी 2024 को तबीयत बिगड़ने पर उसे सीआईएमएस अस्पताल ले जाया गया और 22 जनवरी 2024 को उसकी मौत हो गई थी।

बाद में हुई न्यायिक जांच में मजिस्ट्रेट ने पाया कि मौत सिर में लगी चोट से हुई थी। श्रवण की पत्नी और बेटियों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दायर याचिका में हिरासत में हुई मौत के लिए कार्रवाई और 50 लाख मुआवजे की मांग की। अक्टूबर 2024 में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया और पुलिसकर्मियों की लापरवाही को जिम्मेदार माना था। इसके बाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई।

--आईएएनएस

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