रायपुर, 5 जुलाई (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में शनिवार रात से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। राजधानी रायपुर में महज आधे घंटे के भीतर लगभग 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। टाटीबंध समेत कई बस्तियों में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया, जबकि पॉश इलाकों की सड़कों पर भी जलभराव होने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। कबीरधाम, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद और कांकेर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
इसके अलावा बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे पहुंच गया है। किसान खरीफ सीजन के तहत धान की नर्सरी तैयार करने और बोनी के कार्य में तेजी से जुटे हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। सारंगढ़ में सर्वाधिक 140 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि सरायपाली और बड़े बचेली में 100-100 मिमी बारिश हुई।
बिलासपुर में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, दुर्ग में 30.6 डिग्री और जगदलपुर में 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री कम था। दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहावना बना रहा, हालांकि कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी बनी रही।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार मानसून सक्रिय है, लेकिन अब तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि जुलाई में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है और वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की संभावना है।