नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के संचालन को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने नागपुर के एक छात्र को अबू धाबी में नीट पुनर्परीक्षा को लेकर केंद्र आवंटित किए जाने की घटना को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। साथ ही बिहार में सामने आए एक कथित गैंगरेप मामले को लेकर भी भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा।
रागिनी नायक ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि नीट परीक्षा के संचालन में जिस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं, वे हैरान करने वाली हैं। एनटीए की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है और छात्रों को होने वाली परेशानियों को लेकर एजेंसी गंभीर नजर नहीं आती। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि संवेदनहीनता है, क्योंकि परीक्षा से जुड़े निर्णयों का सीधा असर लाखों छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
नागपुर के एक छात्र को परीक्षा से एक दिन पहले अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने के मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि छात्र के पास न तो पासपोर्ट था और न ही विदेश यात्रा करने की आर्थिक क्षमता। ऐसे में उसके सामने परीक्षा में शामिल होने का गंभीर संकट खड़ा हो गया। देशभर में कई छात्र मानसिक दबाव, निराशा और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवादों और अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। एनटीए की भूमिका पर लगातार प्रश्न उठ रहे हैं। सरकार ने मूल समस्याओं के समाधान के बजाय केवल कुछ सतही कदम उठाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस लगातार आवाज उठा रहे हैं। रागिनी नायक ने कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं किया, तो विभिन्न राज्यों में बड़े स्तर पर जनआंदोलन देखने को मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यही कारण है कि एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं। एनटीए को बैन करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का समय आ गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिस तरह की भीड़ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में राजस्थान के कोटा में देखने को मिला, वही हाल देश के हर राज्य में देखने को मिलेगा।
बिहार में सामने आए गैंगरेप मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रागिनी नायक ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में भाजपा का रवैया सवालों के घेरे में रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल राजनीतिक नारेबाजी का विषय नहीं हो सकती, बल्कि इसके लिए प्रभावी कानून व्यवस्था, त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है।